B’Day Spl: जब गुलशन कुमार की सफलता बनी उनकी मौत की वजह

मनोरंजन

पटना: संगीत की दुनिया में ‘टी सीरीज’ नाम से तहलका मचाने वाले गुलशन कुमार का आज बर्थडे है। उनका जन्म 5 मई, 1951 को हुआ था। अगर आज गुलशन कुमार हमारे बीच होते तो 62 साल के होते। गुलशन कुमार का नाम फिल्मी दुनिया की उन हस्तियों में शुमार हैं जिन्होंने महज कम समय में ही शोहरत की उन बुलंदियों को हासिल कर लिया था, जहां पहुंच पाना हर किसी का सपना होता है। दिल्ली के रहने वाले गुलशन कुमार देखते ही देखते संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह बन गए।

एक छोटी सी म्यूजिक कैसेट कंपनी से बिजनेस की शुरुआत करने वाले गुलशन कुमार ने म्यूजिक की दुनिया में तहलका मचा दिया था, लेकिन दिल्ली के एक छोटे से इलाके से मुंबई पर राज करने वाले गुलशन कुमार की सफलता कई लोगों को रास नहीं आईं और 12 अगस्त 1997 को उनकी हत्या कर दी गई।

उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें।

गुलशन कुमार ने संगीत को नई पहचान दी। गुलशन कुमार का पूरा नाम गुलशन कुमार दुआ है। गुलशन पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। गुलशन कुमार के पिता चंद्र भान दुआ दिल्ली के दरियागंज में जूस की दुकान चलाते थे जिसमें गुलशन उनका साथ देते थे। इसके बाद उन्होंने यह काम छोड़ दिल्ली में ही कैसेट्स की दुकान खोल ली जहां पर वह सस्ते दाम में गानों की कैसेट्स बेचा करते थे।

जैसे ही काम धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा गुलशन कुमार ने नोएडा में ‘टी सीरीज’ नाम से म्यूजिक कंपनी खोली और बाद में मुंबई शिफ्ट हो गए। गुलशन कुमार की कंपनी ने करीब 10 सालों में फिल्म इंडस्ट्री में अपनी धाक जमा ली। इसके साथ ही गुलशन कुमार ने कई सारे गायकों को लॉन्च भी किया जिसमें सोनू निगम, अनुराधा पौडवाल, कुमार सानू जैसे नाम शामिल हैं।

गुलशन कुमार खुद भी गायक थे और ज्यादातर भक्ति वाले गाने उन्होंने ही गाए हैं। जिसमें ‘मैं बालक तू माता शेरा वालिए’ गाना सबसे ज्यादा हिट हुआ। गुलशन कुमार ने टी सीरीज के जरिए संगीत को लोगों के घर-घर पहुंचाने का काम किया।

जमीन से जुड़े हुए गुलशन कुमार ने अपनी उदारता भी खुलकर दिखाई। उन्होंने अपने धन का एक हिस्सा समाज सेवा के लिए दान करके एक मिसाल कायम की। उन्होंने वैष्णो देवी में एक भंडारे की स्थापना की जो आज भी तीर्थयात्रियों के लिए नि: शुल्क भोजन उपलब्ध कराता है।

सफलता के दौर में गुलशन कुमार पर चोरी का आरोप लगाया गया था। रेडिफ के अनुसार, उन्होंने लोकप्रिय साउंडट्रैक की कम लागत वाली प्रतियां बेचीं लेकिन जब इसके बारे में पूछा गया, तो उन्होंने आरोपों से इनकार कर दिया। कहा जाता है उस दौर में जब एक कैसेट 25 से 30 रुपये में बिका करते थे, गुलशन कुमार अपने कैसेट को 15 से 17 रुपये में बेचते थे।

साल 1992 में गुलशन कुमार भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले शख्स बन गए थे। एक बार जब अबु सलेम ने गुलशन कुमार से हर महीने 5 लाख रुपए देने के लिए कहा तो गुलशन कुमार ने इनकार करते हुए कहा कि इतने रुपए देकर वो वैष्णो देवी में भंडारा कराएंगे। इसके बाद से ही वह अंडरवर्ल्ड के निशाने पर आ गए। 12 अगस्त 1997 को मुंबई के एक मंदिर के बाहर गुलशन कुमार को गोली मार दी गई थी।

अनुराधा पौडवाल को गुलशन कुमार की पसंदीदा गायिका कहा जाता है। हर जगह और हर मामले में गुलशन कुमार अनुराधा पौडवाल को सपोर्ट करने लगे थे जिससे इंडस्ट्री में ऐसी खबरों ने आग पकड़ी कि गुलशन कुमार और अनुराधा के बीच कुछ पक रहा है। हालांकि इस पर किसी ने भी खुलकर कुछ नहीं कहा।

गुलशन कुमार के निधन के बाद उनके बेटे भूषण कुमार और बेटी तुलसी कुमार ने सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ज़िम्मेदारी संभाली। टी-सीरीज आज भी सबसे प्रसिद्ध म्यूजिक प्रोडेक्शन कंपनी है और उनकी बेटी, तुलसी कुमार भी एक जानी-मानी सिंगर हैं।

गुलशन कुमार के जीवन पर आधारित एक फिल्म भी बनने जा रही है। इस फिल्म में पहले गुलशन के रोल के लिए एक्टर अक्षय कुमार को कास्ट किए जाने की खबरें थीं मगर शायद अब वह फिल्म का हिस्सा नहीं है और अभी तक कोई भी नाम तय नहीं किया गया है।

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