बच्चों के लिए बनेंगे नौ हजार से अधिक नए केंद्र, इस महीने 84 लाख को लगेगी वैक्सीन

जानकारी

बिहार में 15 से 18 वर्ष के किशोरों के कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत नौ हजार से अधिक नए कोरोना टीकाकरण केंद्र बनेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के अतिरिक्त निजी क्षेत्र के विद्यालयों में भी कोरोना टीकाकरण केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस संबंध में जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश दिया है।

सूत्रों ने बताया कि राज्य में करीब नौ हजार सरकारी हाई स्कूल संचालित हैं। इन सभी सरकारी हाई स्कूलों में किशोरों के टीकाकरण के लिए विशेष केंद्र बनाने का निर्देश दिया गया है। पहले दिन राज्य के उच्च विद्यालयों (प्लस टू) के साथ-साथ एक-एक माध्यमिक विद्यालयों में टीकाकरण केंद्र बनाए गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने इसके अतिरिक्त राज्य के सभी माध्यमिक (हाई) स्कूलों में भी टीकाकरण केंद्र बनाने को कहा है।

 

इनके अतिरिक्त राज्य के सभी सीबीएसई और आईसीएससी विद्यालयों में आवश्यक रूप से टीकाकरण केंद्र बनाने को कहा गया है। सचिव ने निर्देश दिया है कि सभी योग्य किशोरों को कोरोना टीका देने के लिए टीकाकरण केंद्रों का विस्तार करें और निजी क्षेत्र के विद्यालयों को भी इसमें शामिल करें। 

 

जानकारी के अनुसार राज्य में करीब 17 हजार कोरोना टीकाकरण टीम है। हाई स्कूलों की संख्या करीब 9 हजार है। ऐसे में सभी हाई स्कूलों में कोरोना टीका की एक-एक टीम तैनात की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी में ही सभी 84 लाख किशोरों को कोरोना टीका देने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे टीकाकरण को शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाना संभव हो सकेगा।

इनके अतिरिक्त राज्य के सभी सीबीएसई और आईसीएससी विद्यालयों में आवश्यक रूप से टीकाकरण केंद्र बनाने को कहा गया है। सचिव ने निर्देश दिया है कि सभी योग्य किशोरों को कोरोना टीका देने के लिए टीकाकरण केंद्रों का विस्तार करें और निजी क्षेत्र के विद्यालयों को भी इसमें शामिल करें। 

 

जानकारी के अनुसार राज्य में करीब 17 हजार कोरोना टीकाकरण टीम है। हाई स्कूलों की संख्या करीब 9 हजार है। ऐसे में सभी हाई स्कूलों में कोरोना टीका की एक-एक टीम तैनात की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी में ही सभी 84 लाख किशोरों को कोरोना टीका देने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे टीकाकरण को शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाना संभव हो सकेगा।

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