स्वास्थ्य मंत्रालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत सीएसआईआर, आईसीएमआर के तकनीकी समर्थन के साथ आयुष की कुछ दवाईयों के बारे में व्यापक क्लीनिकल ट्रायल आज शुरू हो रहे हैं, उन लोगों पर जो वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के खिलाफ  हाई रिस्क में काम कर रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने गुरुवार (7 मई) को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा, “आयुर्वेद की जो अंदरूनी ताकत है उसका वास्तविक इस्तेमाल जो देश, दुनिया के लिए होना चाहिए वो शायद हो नहीं पाता है। देश, दुनिया के सामने आयुर्वेद की श्रेष्ठता को हम मॉडर्न वैज्ञानिक तरीके से सिद्ध करके प्रस्तुत करेंगे।”

गुजरात, महाराष्ट्र में कोविड-19 से मृत्यु की अधिक दर चिंताजनक : हर्षवर्धन
इससे पहले, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ जिलों में कोविड-19 के मरीजों में अधिक मृत्यु दर पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार (6 मई) को राज्यों से कहा कि वे प्रारंभिक निगरानी, संपर्कों का तेजी से पता लगाने और शुरू में ही रोग निदान जैसे कदमों पर ध्यान केंद्रित करें, ताकि इन क्षेत्रों में मौत के मामलों में कमी आ सके। हर्षवर्धन ने गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री नितिनभाई पटेल तथा महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की।

बैठक में हर्षवर्धन ने अत्यंत गंभीर श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) और इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) के मामलों की स्क्रीनिंग और जांच जैसे उचित कदमों की आवश्यकता पर जोर दिया क्योंकि इससे संक्रमण को अन्य क्षेत्रों में फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा, ”मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रभावी नियंत्रण रणनीति का क्रियान्वयन राज्यों की शीर्ष प्राथमिकता होना चाहिए। नए मामलों को रोकने के लिए सुव्यवस्थित तरीके से रोग निवारण, पहले पहल और समग्र कदम उठाना तथा केंद्र द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना समय की आवश्यकता है।

Sources:-Hindustan

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