आयुर्वेद में संभव है दिल संबंधी बीमारियों का बेहतर इलाज

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आज बुजुर्गों के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवा भी ह्रदय संबंधी रोगों से जूझ रहे हैं, आये दिन देश के अलग-अलग जगहों से युवाओं के चलते-फिरते हार्ट अटैक से मौत के वीडियो सामने आ रहे हैं, जिससे आमलोग अपने स्वास्थ्य को लेकर बहुत चिंतित हैं, लेकिन ह्रदय संबंधी रोगों के उपचार के लिये ज्यादातर लोग मंहगी ऐलोपैथी का सहारा लेते हैं, लेकिन अब माधवबाग के संस्थापक आयुर्वेदाचार्य डॉ रोहित साने ने दावा किया है कि कम खर्च में आयुर्वेद में भी ह्रदय संबंधित रोगों का उपचार संभव है।

माधवबाग आयुर्वेदिक केंद्र की टीम का रिसर्च के आधार पर और 572 मरीजों पर किये गये आयुर्वेद अभ्यास के आधार पर ये दावा है कि chronic heart failure, post myocardial infarction, post percutaneous transluminal coronary angioplasty, उच्च रक्तचाप, मोटापा, जोड़ों का दर्द और मधुमेह जैसी बीमारियों का इलाज आयुर्वेद में संभव है। आयुर्वेद पद्धतियां एलोपैथी की तुलना में ज्यादा बेहतर परिणाम देती हैं और शरीर में को साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।

डॉ रोहित साने का दावा है कि आयुर्वेदिक उपचारों की सहायता लेने वाले रोगियों की अस्पताल में एडमिट होने और मृत्यु की संभावना तुलनात्मक रूप से कम है। हाल ही में पणजी में संपन्न हुये 9वें विश्व आयुर्वेदिक परिषद में भी माधवबाग संस्थान नें भाग लिया जहां पीएम मोदी ने भी संस्थापक डॉ रोहित शाने के प्रयासों को सराहा था

पंचकर्म उपचार की सलाह

ह्रदय की बीमारियों से जूझ रहे आम लोगों को डॉ रोहित पंचकर्म उपचार, प्राणायाम, ध्यानधारणा, सौम्य व्यायाम और आयुर्वेदिक आहार लेने की सलाह देते हैं, जिससे लिपिड प्रोफाइल में सुधार के साथ साथ रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों की अंदरूनी दीवारों पर चर्बी, कोलेस्ट्राल और अन्य पदार्थ संचयित ना हो पायें। “विश्व को ठीक करने” के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे माधवबाग संस्थान का सहारा ह्रदयरोगी और मधुमेह रोगी ले सकते हैं।

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