दोपहर 12.35 तक सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त, इस विधि से मां सरस्वती को करें प्रसन्न

आस्था

पटना: दो खास संयोग के साथ बसंत पंचमी की शुरूआत हो चुकी है. हिंदू पंचांग के अनुसार, 16 फरवरी को रवि योग और अमृत सिद्धि योग का विशेष संयोग के साथ सरस्वती पूजा 2021 मनाई जाएगी. मंगलवार की सुबह 03 बजकर 36 मिनट पर पंचमी तिथि लगेगी जो बुधवार की सुबह 17 फरवरी को 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगी.

आपको बता दें कि मंगलवार को 11.30-12.30 के बीच सरस्वती पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त है. ऐसे में आइए जानते हैं ज्ञान की देवी मां सरस्वती पूजा के श्रृंगार से लेकर, पूजा विधि, सामग्री सूची, सावधानियां व अन्य महत्वपूर्ण डिटेल्स..

ब्रज में आज से रंग का त्योहार होली का आगमन

ब्रज में आज से रंग और उमंग का त्योहार होली का आगमन हो गया है. ब्रज में होलिका दहन और धुलेड़ी रंगों वाली होली पचास दिनों तक मनायी जाएगी.

आरती श्री सरस्वती माता जी की..

जय सरस्वती माता,मैया जय सरस्वती माता।

सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता॥

जय सरस्वती माता॥

चन्द्रवदनि पद्मासिनि,द्युति मंगलकारी।

सोहे शुभ हंस सवारी,अतुल तेजधारी॥

जय सरस्वती माता॥

बाएं कर में वीणा,दाएं कर माला।

शीश मुकुट मणि सोहे,गल मोतियन माला॥

जय सरस्वती माता॥

देवी शरण जो आए,उनका उद्धार किया।

पैठी मंथरा दासी,रावण संहार किया॥

जय सरस्वती माता॥

विद्या ज्ञान प्रदायिनि,ज्ञान प्रकाश भरो।

मोह अज्ञान और तिमिर का,जग से नाश करो॥

जय सरस्वती माता॥

धूप दीप फल मेवा,माँ स्वीकार करो।

ज्ञानचक्षु दे माता,जग निस्तार करो॥

जय सरस्वती माता॥

माँ सरस्वती की आरती,जो कोई जन गावे।

हितकारी सुखकारीज्ञान भक्ति पावे॥

जय सरस्वती माता॥

जय सरस्वती माता,जय जय सरस्वती माता।

सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता॥

जय सरस्वती माता॥

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