अति पिछड़ों को एकजुट करने में लगे मुकेश सहनी, बोले- अगला मुख्यमंत्री हममें से बनेगा

खबरें बिहार की जानकारी

विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा अति पिछड़ा वर्ग को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में अति पिछड़ा की सरकारी बनेगी। हम पीठ में खंजर नहीं भोंकते और ना ही गद्दारी करने वाले हैं, लेकिन हमारे साथ धोखा किया गया। उन्होंने कहा कि बीजेपी को सन ऑफ मल्लाह रास नहीं आया। इसलिए उन्हें मंत्री पद से भी हटा दिया गया।

वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने सोमवार को भभुआ के नगरपालिका मैदान में आयोजित सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर वे बीजेपी से हाथ मिला लेते तो उनके चार विधायक भी साथ रहते और वे मंत्री बने रहते। मगर उनके विधायकों को तोड़ लिया गया और उन्हें मंत्री पद से भी हटा दिया गया।

सहनी ने कहा कि बीजेपी भेदभाव की नीति अपनाती है। इसलिए हमें आगे बढ़ने से रोका गया। सन ऑफ मल्लाह से नेताओं को डर है। आरक्षण देने का आश्वासन देते हैं, लेकिन समय आने पर कुछ नहीं कर पाते। मुकेश सहनी ने ये भी कहा कि अगर वे समर्थन नहीं देते तो नीतीश कुमार मुख्यमंत्री भी नहीं बनते। वे मुंबई में कारोबार छोड़कर यहां सेवा करने आए। आरक्षण नहीं देने वालों को अतिपिछड़ा के लोग वोट नहीं देंगे।

मुकेश सहनी ने कहा कि उनका बीजेपी से कभी समझौता नहीं हो सकता है। अतिपिछड़ों का बेटा उपमुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री बनेगा। पावर जरूरी है, जो आंबेडकर साहब ने हमें दी है। लेकिन, पद भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिनके पास बल होगा, उनके पास दल होगा और जिनके पास दल होगा वह आगे बढ़ेंगे। नीतीश कुमार, लालू प्रसाद, मायावती, मुलायम यादव मुख्यमंत्री बने।

उन्होंने कहा कि मेहनत करते-करते हम आगे नहीं बढ़े, लेकिन हमसे मेहनत कराने वाले आगे बढ़ रहे हैं। हमें हिस्सेदारी चाहिए। अतिपिछड़ा हाशिए पर हैं। कर्पूरी बाबू के समय सूची बनी थी। आरक्षण मिला था। हमें सूची के अनुसार आरक्षण मिलना चाहिए। संविधान एक है। हमारे साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। हमें आरक्षण की लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

मुकेश सहनी ने कहा कि सामान्य लोगों को आरक्षण दे दिया, लेकिन हमें वंचित रखा गया। महिलाओं के हक की लड़ाई हम लोग लड़ रहे हैं। देश में 90 प्रतिशत एससी, एसटी, अतिपिछड़ा, पिछड़ा हैं। लेकिन, 10 प्रतिशत वालों को आरक्षण मिल रहा है। आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू कीजिए। हमारे पूर्वज आजादी से पहले से लड़ाई लड़ते रहे। वर्ष 2018 में पार्टी बनाई। वर्ष 2019 में लड़ाई लड़ी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.