बिहार की नदियों में भी विसर्जित होंगी वाजपेयी की अस्थियां, आज हरिद्वार में है विसर्जन

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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां देश भर की कई नदियों में विसर्जित की जाएंगी और इसकी शुरुआत आज यानी रविवार को हरिद्वार में गंगा नदी में उनकी अस्थियों के विसर्जन के साथ होगी. इस अस्थि कलश यात्रा में शामिल होने के लिए 200 बसों में 15000 बीजेपी कार्यकर्ता देहरादून से हरिद्वार पहुंच रहे हैं. भाजपा नेता भूपेन्द्र यादव ने बताया कि पवित्र शहर में होने वाले विसर्जन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य नेता शामिल होंगे.

बिहार की नदियों में भी विसर्जित होंगी अटल की अस्थियां

इधर खबर ये भी है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां गंगा सहित बिहार की सभी प्रमुख नदियों में भी प्रवाहित की जाएंगी. बिहार भाजपा ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय स्वयं अस्थि लेकर सोमवार को पटना आएंगे. भाजपा की योजना बिहार की हर नदियों में उनकी अस्थियों के फूल को प्रवाहित करने की है. हालांकि, अस्थियों को कहां-कहां प्रवाहित किया जाएगा इसपर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है, लेकिन भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने अस्थि विसर्जन की तैयारी शुरू कर दी है.

भाजपा सूत्रों के अनुसार अस्थि विसर्जन की पूरी तैयारी को अमलीजामा पहनाने के लिए बिहार भाजपा के प्रभारी एवं पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री भूपेंद्र यादव और संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ देर रात तक नई दिल्ली में जुटे रहे. अस्थि कलश यात्राओं की जिम्मेदारी संबंधित जिले के भाजपा पदाधिकारियों को भी दी जाएगी. प्रदेश स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग प्रदेश के नेता करेंगे.

इन नदियों में अस्थि होगी प्रवाहित

गंगा, पुनपुन, महानंदा, बागमती, कोसी, कमला, बूढ़ी गंडक, सरयू (घाघरा), कर्मनाशा, फल्गु और अजय नदी में प्रवाहित होगी

इसके अलावा देश स्तर पर इस कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी चल रही है. जहां-जहां पूर्व प्रधानमंत्री की खास यादें जुड़ी हैं, उन स्थानों से गुजरते हुए अस्थि प्रवाहित की जाएगी. अस्थि विसर्जन यात्रा के दौरान वाजपेयी की रचनाओं को स्लोगन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. इस दौरान जन प्रतिनिधियों को इसमें जोड़ा जाएगा. कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारियां दी जाएंगी. अटल के सपनों को साकार करने में पार्टी जुटी है.

इधर, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि वाजपेयी की अस्थियां लखनऊ हवाई अड्डे पर रविवार शाम पहुंचेंगी. रांची में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां राज्य की चार-पांच नदियों में प्रवाहित की जाएंगी. उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने झारखंड का निर्माण किया था और इसलिए उनका निधन हमारे लिए अपूरणीय क्षति है.

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