भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी को आगे बढ़ाने वाले नेता अटल बिहारी वाजपेयी का 25 दिसंबर को 95वीं जयंती मनाई जाएगी। वो एक पत्रकार, कवि, राजनेता और मिलनसार व्यक्तित्व के शख्स थे। लेकिन बीते साल 16 अगस्त 2018 को उनका निधन लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में हो गया था। राजनीति में कुछ नेता ऐसे हैं जिनकी बातें अभी तक लोगों के मानस पटल पर छाई हैं, और अटल जी उनमें से एक हैं। अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसे पूर्व प्रधानमंत्री थे जिनकी विपक्षी दलों के नेता भी कद्र करते हैं।

अटल जी ने जहां एक तरफ कुशल संगठनकर्ता के रूप में पार्टी को सींचकर उसे अखिल भारतीय स्वरुप दिया वहीं दूसरी ओर देश का नेतृत्व करते हुए पोखरण परमाणु परिक्षण व कारगिल युद्ध जैसे फैसलों से भारत की एक मजबूत छवि दुनिया में बनाई। अटल जी की जन्मजयंती के अवसर पर उन्हें कोटि- कोटि वंदन। ऐसे में हम आपको उनके ऐसे 5 दमदार भाषणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके लिए वो हमेशा याद किए जाते हैं….

ये हैं उनकी पांच वो कविताएं जो बहुत प्रसिद्ध हैं…

1. उजियारे में, अंधकार में,
कल कहार में, बीच धार में,
घोर घृणा में, पूत प्यार में,
क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में,
जीवन के शत-शत आकर्षक,
अरमानों को ढलना होगा.
कदम मिलाकर चलना होगा.

2. हरी हरी दूब पर
ओस की बूंदे
अभी थी,
अभी नहीं हैं|
ऐसी खुशियां
जो हमेशा हमारा साथ दें
कभी नहीं थी,
कहीं नहीं हैं|

3. खून क्यों सफेद हो गया?

भेद में अभेद खो गया.
बंट गये शहीद, गीत कट गए,
कलेजे में कटार दड़ गई.
दूध में दरार पड़ गई.

खेतों में बारूदी गंध,
टूट गये नानक के छंद
सतलुज सहम उठी, व्यथित सी बितस्ता है.
वसंत से बहार झड़ गई
दूध में दरार पड़ गई.

अपनी ही छाया से बैर,
गले लगने लगे हैं ग़ैर,
ख़ुदकुशी का रास्ता, तुम्हें वतन का वास्ता.
बात बनाएं, बिगड़ गई.
दूध में दरार पड़ गई.

4. क्षमा करो बापू! तुम हमको,
बचन भंग के हम अपराधी,
राजघाट को किया अपावन,
मंज़िल भूले, यात्रा आधी।

जयप्रकाश जी! रखो भरोसा,
टूटे सपनों को जोड़ेंगे।
चिताभस्म की चिंगारी से,
अन्धकार के गढ़ तोड़ेंगे।

5. कौरव कौन
कौन पांडव,
टेढ़ा सवाल है|
दोनों ओर शकुनि
का फैला
कूटजाल है|
धर्मराज ने छोड़ी नहीं
जुए की लत है|
हर पंचायत में
पांचाली
अपमानित है|
बिना कृष्ण के
आज
महाभारत होना है,
कोई राजा बने,
रंक को तो रोना है

जोश से भरे अटल जी के ये 5 भाषण हमेशा याद किए जाएंगे…

1. दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी जी ने वीर सावरकर जी को तप,त्याग,तेज,तर्क, तीर और तलवार के समतुल्य बताया था।

2. इस वीडियो में अटल जी ने कहा है कि ये संसद चर्चा के लिए है, शांतिपूर्ण चर्चा के लिए है, संयम चर्चा के लिए, तर्कपूर्ण चर्चा के लिए।

3. ना उगाही, ना गुंडई, ना भ्रष्टाचार, हम देंगे साफ सुथरी सरकार।

4. अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा, “एक नहीं दो नहीं सौ करेंगे समझौते, लेकिन स्वतंत्र भारत का सिर नहीं झुकेगा।”

5. Security issues have cast a shadow on our relationship. I belive this is unnecessary….

अटल बिहारी वाजपेयी के जयंती के अवसर पर उनके कुछ बेहतरीन और अच्छे वजन को जरूर सुनिए। अटल जी एक ऐसे नेता थे जिन्होंने अपने कार्यकाल में कई प्रेरणादायी बातें कहीं होंगी।

Source – Jansatta

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