पटना: एशियाई खेल 2018 के 14वें दिन भारतीय मुक्केबाज अमित पंघल ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाते हुए इतिहास रच दिया है। यह मुक्केबाजी में भारत का दूसरा पदक है, इससे पहले विकास कृष्ण भारत को मुक्केबाजी में कांस्य पदक दिला चुके हैं।

22 वर्षीय अमित ने अपने पहले ही एशियाई खेल में पदक जीत कर इतिहास रच दिया है। उनका मुकाबला ओलम्पिक चैंपियन उज्बेकिस्तान के हसनबॉय दुसामातोव से था जिसमे उन्होंने जीत दर्ज की।

उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज इस मुकाबले में फेवरेट माने जा रहे थे लेकिन अमित को कुछ और ही मंजूर था कर उन्होंने भारत की झोली में 14वां स्वर्ण पदक दाल दिया है।

अमित का सोना- सेना में सूबेदार, हरियाणा के अमित पंघल ने पुरुषों की 49 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता अमित ने फाइनल मुकाबले में रियो ओलम्पिक-2016 के स्वर्ण पदक विजेता उज्बेकिस्तान के हसनबॉय दुसामाटोव 3-2 से मात दी। अमित ने ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता के सामने डट कर खड़े रहे और बेहतरीन मुकाबला करते हुए स्वर्ण जीत ले गए। दोनों के बीच बेहद रोचक मुकाबला हुआ।

कल फाइनल में बनाई थी जगह- राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाले अमित ने सेमीफाइनल में फिलीपींस के पालम कार्लो को 3-2 से मात देकर फाइनल में जगह पक्की की। अमित के लिए यह जीत आसान नहीं रही। उन्हें शुरू से काफी कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा।

इस मुकाबले में अमित का डिफेंस काम आया जिसके दम पर वह ज्यादा अंक बटोरने में सफल रहे। कार्लो पहले सेकेंड से ही बेहद आक्रामक थे और अमित पर मुक्के बरसा रहे थे। शुरुआत में अमित कमजोर पड़े, लेकिन वक्त रहते उन्होंने अपने गार्ड को संभाला और बेहतरीन रक्षात्मक खेल दिखाया।

इस बीच वह कुछ अच्छे जैब मारने में भी सफल रहे। अमित ने दूसरे और तीसरे राउंड में पंच बरसाते हुए यह मुकाबले जीत लिया था।

विकास को कांस्य से करना पड़ा था संतोष- 75 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे विकास कृष्ण चोट के कारण सेमीफाइनल मुकाबले में नहीं उतर सके। विकास ने 2010 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक और 2014 में कांस्य पदक जीता था। वह अगर इस बार स्वर्ण जीतते तो एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले मुक्केबाज बन जाते।

Source: Patrika News

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