बलात्कारी को रहम नहीं: फूट-फूटकर रोने लगा आसाराम जब जज ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

राष्ट्रीय खबरें

नाबालिग लड़की से रेप के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जोधपुर कोर्ट ने कथावाचक आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

वहीं इस मामले में दोनों दोषी शिल्पी और शरतचंद्र को 20-20 साल की सजा सुनाई गई है। उधर, कोर्ट का फैसला सुनते ही आसाराम कोर्टरूम में फूट-फूटकर रो पड़ा।

बता दें कि आज ही एससी-एसटी कोर्ट के विशेष जज मधुसूदन शर्मा की अदालत ने नाबालिग लड़की से रेप केस में आसाराम को दोषी ठहराया था। साल 2013 में आसाराम के खिलाफ यूपी के शाहजहांपुर की रहने वाली एक लड़की ने रेप का सनसनीखेज आरोप लगाया था।

इस मामले में आसाराम के साथ ही उसकी राजदार शिल्पी और शरतचंद्र भी दोषी ठहराए गए हैं। जबकि प्रमुख सेवादार शिवा और रसोइया प्रकाश को कोर्ट ने बरी कर दिया है। इस फैसले पर पूरे देश की निगाहें लगी हुई थीं। आसाराम के साधक राहत के लिए कल से ही प्रार्थना कर रहे थे।

टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक सजा सुनाए जाने के बाद आसाराम रो पड़े। सजा सुनते ही वह सिर पकड़कर रोने लगे। बता दें कि पॉक्सो और एससी-एसटी ऐक्ट समेत 14 धाराओं में दोषी करार दिए गए आसाराम को पहले ही 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा होने की बात रही जा रही थी।

सजा के ऐलान से पहले एससी-एसटी कोर्ट के विशेष जज मधुसूदन शर्मा की अदालत में आसाराम के वकीलों ने कहा कि उन्हें कम से कम सजा दी जानी चाहिए क्योंकि उनकी उम्र अधिक है।

बलात्कारी आसाराम को गिरफ्तार करने वाले इस पुलिस अधिकारी को मिली थीं हजारों धमकियां, सुनाई आपबीती

नाबालिग से रेप केस मामले में आखिरकार आसाराम को सजा का ऐलान बुधवार को कर दिया गया। जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को उम्र कैद की सजा दी है। लेकिन इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में शामिल रहे सीनियर पुलिस ऑफिसर अजय पाल लांबा को इस दौरान कई धमकी भरे पत्र और फोन कॉल्स के जरिए डराया जाता था।

लांबा ने बताया ‘मुझे इस केस की जांच का जिम्मा 20 अगस्त 2013 को मिला था। उस समय में मैं जोधपुर के डीसीपी पद पर था। कई धमकियां मिलने के बाद भी मैंने हार नहीं मानी और अपना काम करता रहा।’

आसाराम की मध्यप्रदेश में गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाने वाले 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी लांबा बताते हैं कि ‘धमकी भरे खतों में मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती थी। मैं अपने मोबाइल फोन पर अज्ञात लोगों की कॉल्स रिसीव नहीं करता था। इन धमकियों का सिलसिला तब खत्म हुआ जब मैं उदयपुर में शिफ्ट हो गया।’

बता दें कि लांबा फिलहाल जोधपुर में एंटी-करप्श ब्यूरो में पुलिस अधीक्षक हैं। उन्होंने आगे बताया ’30 अगस्त 2013 को जब उनकी अगुवाई में 11 सदस्यों की एक टीम आसाराम को गिरफ्तार करने गई थी तो वहां बाबा के अनुयायियों से कई बार जूझना पड़ा और काफी मशक्कत के बाद आसाराम की गिरफ्तारी की गई। इस दौरान आसराम अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए कई हथकंडे अपना रहा था लेकिन हमने उसकी किसी भी योजना को सफल नहीं होने दिया।

गौरतलब है कि आसाराम को नाबालिग से रेप का दोषी करार दिया गया जिसके बाद उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई। आसाराम एक नाबालिग लड़की से रेप के आरोप में करीब 5 साल से ज्यादा वक्त से जेल में बंद है।

इस मामले में आसाराम के साथ दो और लोगों को दोषी करार दिया गया है। जिन्हें 20-20 साल के कैद हुई है। इस मामले में कुल पांच लोग आरोपी थें, जिनमें दो लोगों को बरी कर दिया गया है। आसाराम रेप केस में फैसला सुनाने के लिए कोर्ट जेल में ही लगा और वहीं फैसला सुनाया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.