पटना: आसरा होम्स में रह रही महिला और लड़की के मौत के गंभीर मामले में पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर दी है. लंबी पूछताछ और दिनभर के गहन जांच के बाद पटना पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें आसरा होम्स को चला रहे अनुमाया हयूमेन रिसोर्सेज के सचिव चिरंतन कुमार, कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल और स्टाफ बेबी कुमारी सिंह शामिल हैं. इन लोगों पर बड़ी लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. जिसके बाद राजवी नगर थाना में उस मजिस्ट्रेट के बयान पर एफआईआर दर्ज किया गया, जिसकी निगरानी में महिला और लड़की की डेड बॉडी का पोस्टमार्टम पीएमसीएच में कराया गया था.

मजिस्ट्रेट के बयान पर थाना में कुल 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. जिसमें गिरफ्तार किए गए इन तीनों के अलावा आसरा होम्स में ड्यूटी के लिए लगाए गए डॉक्टर और एक एएनएम भी शामिल हैं. फिलहाल ये दोनों फरार चल रहे हैं. इनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

आसरा होम्स पहुंच कर की जांच

पटना के डीएम कुमार रवि और एसएसपी मनु महाराज रविवार की देर शाम राजीव नगर के 90 फीट रोड स्थित आसरा होम्स पहुंचे. काफी देर तक वहां रहे. कई लोगों से पूछताछ की. साथ ही कई फाइल और डॉक्यूमेंट्स व बीमार महिलाओं मेडिकल हिस्ट्री खंगाले गए. जांच में ये बात सामने आई कि बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती गई है. एक महिला के लंग्स में काफी प्रॉब्लम था. उसे प्रोपर ट्रीटमेंट की जरूरत थी, लेकिन मिली नहीं. हर दो दिन पर बीमार महिला को ब्लड चढ़ाया जाना था. लेकिन इसमें भी लापरवाही बरती गई.

सुबह से बरगलाने में लगा था चिरंतन

गिरफ्तार किए जाने से पहले चिरंतन कुमार सुबह से ही सबको बरगलाने में लगा था. वो ये दावा कर रहा था कि महिला और लड़की को बीमार हालत में लेकर शुक्रवार की रात पीएमसीएच पहुंचा था. वहां पहुंचने के बाद महिला को डॉक्टर ने मरा हुआ बताया. जबकि लड़की को वेंटिलेटर पर रखा गया था. इसके झूठे दावे की पोल उस वक्त खुल गई, जब पीएमसीएच के सुपरिटेंडेंट का बयान सामने आया. सुपरिटेंडेंट ने साफ तौर पर कह दिया कि मरने के बाद महिला और लड़की को हॉस्पिटल लाया गया था.

कई एनजीओ चलती है मनीषा दयाल की

गिरफ्तार मनीषा दयाल की पहुंच बहुत है. बिहार के राजनीतिक गलियारों से लेकर पटना के बड़े बिजनेसमैन के बीच इसने अपनी मजबूत पकड़ बना रखी है. खुद को पत्रकार बताने वाले लोग भी इसके साथ हर वक्त देखे जाते थे. सोर्स बताते हैं कि कुछ महीने पहले ही इसने पटना और गया में बड़ी संपत्ति खरीदी है.

पहली बार आसरा होम्स का मामला शुक्रवार को सामने आया था. जिसमें बगल के ही रहने वाले राम नगीना सिंह उर्फ बनारसी को छेड़खानी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. उस दौरान राजीव नगर थाना पर चिरंतन के साथ ही मनीषा दयाल भी मौजूद थी. उस दौरान मैडम ने अपनी पहचान सिर्फ मनीषा बताई थी. खुद को आसरा होम्स का कोषाध्यक्ष बताया था. लेकिन इनके फेसबुक प्रोफाइल को खंगाला गया तो कई बातें सामने आई.

मैडम का पूरा नाम मनीषा दयाल है. ये एक नहीं, बल्कि कई एनजीओ चलाती हैं. फेसबुक प्रोफाइल के अनुसार मनीषा दयाल आसरा होम्स को चला रही अनुमाया हयूमेन रिसोर्सेज फाउंडेशन की डायरेक्टर हैं. दूसरी एनजीओ आत्मा फाउंडेशन की ये बोर्ड मेंबर हैं. तीसरी एनजीओ भामा शाह फाउंडेशन ट्रस्ट की कमिटी मेंबर हैं. चौथी एनजीओ स्पर्श डी एडीक्शन एंड रिसर्च सोसायटी में ये काउंसलर हैं. इन सब के पहले मनीषा दयाल नव असत्तिव फाउंडेशन की प्रोजेक्ट मैनेजर रह चुकी हैं.

एक पड़ोसी को मिली थी धमकी

सोर्स बताते हैं कि बनारसी को गिरफ्तार कर मामले को दूसरा रंग दिया गया है. सोर्स का दावा है कि बुधवार की रात एक स्पीफ्ट कार आई थी. जिसमें एक लड़की को ले जाया गया था. फिर उसे देर रात वापस पहुंचाया गया था. एक लड़की ने यहां तक कहा था कि वो पागल नहीं है, फिर भी उसे जबरन आसरा होम्स में रखा गया है. आसरा होम्स के अंदर की कुछ गड़बड़ी के बारे में बनारसी को भनक लग गई थी. उसने मुहल्ले के हर घर वालों को इसकी जानकारी दी थी. लेकिन उसके बाद उल्टा उसे ही छेड़खानी के केस में फंसा दिया गया. सोर्स बताते हैं कि आसरा होम्स के उत्तरी साइड वाले घर के लोगों को कुछ दिनों पहले धमकी भी दी गई थी. इनके हरकतों पर घर के मालिक ने आपत्ति जताई थी.

पप्पू यादव ने की ठोस कार्रवाई की मांग

जिस वक्त डीएम और एसएसपी आसरा होम्स की जांच कर रहे थे, उसी दौरान सांसद पप्पू यादव भी मौके पर पहुंच गए. उन्होंने भी पूरे मामले के बारे में जाना. कहा कि इस मामले की हर पहलू पर जांच होनी चाहिए. दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए. पप्पू यादव ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की.

Source: Live Cities News

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