अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के निर्माण में सहरसा के कलाकार अरविंद ठाकुर कात्यायन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। चैनपुर के रहनेवाले अरविंद से आर्किटेक्ट ने वेबसाइट के जरिए संपर्क साधा है और वह 10 दिसंबर को अयोध्या पहुंचेंगे। वह 30 वर्षों से पेंटिंग से जुड़े हैं और फिलहाल दिल्ली में रहते हैं। 

अरविंद राममंदिर के आभामंडल और पिलरों की नक्काशी को भव्य रूप देंगे। वे मंदिर के मुख्य द्वार के सौंदर्य को भी अपनी पेटिंग्स से निखारेंगे। बकौल अरविंद मंदिर परिसर में एक खास जगह बनायी जाएगी, जिसमें चित्रों से रामायण की कथाएं प्रदर्शित होंगी। सभी चित्र कैनवास पर बनाए जाएंगे और परिसर तैयार होते ही उसमें फिट कर दिये जाएंगे।

अरविंद ने बताया कि आर्किटेक्ट ने उनसे संपर्क साधा है। वह रामलला की मूर्ति के पिछले हिस्से में बननेवाली वॉल पेंटिंग और मुख्य द्वार के पिलरों पर पेंटिंग करेंगे। उन्होंने बताया कि मेरी पेंटिंग देखने के बाद आर्किटेक्ट ने बायोडाटा मांगा था। मौखिक तौर पर भी कई जानकारी ली थी। आर्किटेक्ट ने उससे कहा है कि आपको रामलला की मूर्ति के पिछले हिस्से में वॉल पेंटिंग और मुख्य द्वार पर बने संगमरमर के पिलरों पर बनी नक्काशी की पेंटिंग करनी होगी। उन्होंने बताया कि मूर्ति के पीछे सूर्योदय के समय की प्राकृतिक आभा बनानी है। आर्किटेक्ट ने उन्हें 10 दिसंबर को टीम के साथ अयोध्या पहुंचने के लिए कहा है। उसके बाद काम शुरू हो जाएगा। 

मिलेगा कलाश्री सम्मान
पेंटिंग में उल्लेखनीय कार्य करनेवाले अरविंद को अगले वर्ष फरवरी में प्रतिष्ठित कलाश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। इसके तहत प्रशस्ति पत्र के साथ 2 लाख 51 हजार रुपये दिए जाते हैं।

Sources:-Hindustan

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