दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी एक बार फिर पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। शीला दीक्षित के बाद अरविंद केजरीवाल दूसरे ऐसे सीएम बनेंगे जो तीसरी बार लगातार इस पद की शपथ लेंगे। केजरीवाल की कर्मभूमि भले ही अब दिल्ली हो लेकिन उनका जन्म हरियाणा में हुआ था। उनके चाचा गिरधारी लाल बताते हैं कि अरविंद केजरीवाल का जन्म 16 अगस्त 1968 को हिसार जिले के सिवानी मंडी में हुआ था। उस दिन जन्माष्टमी थी, बेटे के जन्म की खुशी में पूरे घर में जश्न मनाया गया था। घर में अरविंद को उसके दादा-दादी और परिवार वाले कृष्ण कहकर बुलाते थे। 

जिंदल उद्योग में नौकरी करते थे केजरीवाल के पिता

  1. सिवानी मंडी से 4 किलोमीटर दूर खेड़ा गांव में 1947 से पहले अरविंद केजरीवाल के दादा मंगलचंद आकर बसे थे। उस समय मंगलचंद ने वहां पर दाल मिल लगाई थी। उनके पांच बेटे थे। अरविंद के पिता गोविंदराम, मुरारीलाल, राधेश्याम, गिरधारी लाल और श्यामलाल। गोविंदराम ने जिंदल उद्योग में नौकरी की और फिर हरियाणा से बाहर कई शहरों में काम किया। उनके दादा और चाचा सिवानी मंडी में आढ़त और सरसों तेल का काम करते हैं।
  1. तीन भाई बहनों में सबसे बड़े हैं केजरीवाल गोविंदराम की शादी गीता देवी से हुई। उनके घर जन्माष्टमी पर सबसे बड़े बेटे अरविंद केजरीवाल का जन्म हुआ। अरविंद तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। चाचा गिरधारी लाल बताते हैं कि केजरीवाल बचपन से ही धीर-गंभीर थे। व्यापारी परिवार से होने के बाद भी उन्होंने साधारण जीवन गुजारा है। 
  1. पिता की नौकरी की वजह से अरविंद का बचपन सोनीपत, मथुरा और हिसार में बीता। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री ली और टाटा स्टील में काम किया। 1992 में वह इंडियन रिवेन्यू सर्विस में चुने गए लेकिन 2006 में नौकरी छोड़ दी। 
  2. गिरधारी लाल बताते हैं कि नौकरी छोड़ी तो गांव में आया था, गांव आकर उसने कहा था कि चाचाजी मैंने नौकरी छोड़ दी। मैंने कहा कि कारखाना लगवा दूं। बोला नहीं अब कुछ अलग करुंगा। फिर सूचना के अधिकार कानून कि लिए काम किया। 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़े।
  1. आम आदमी पार्टी का किया गठन केजरीवाल ने 2 अक्टूबर 2012 को राजनीतिक दल का गठन किया। 24 नवंबर 2012 को आम आदमी पार्टी बनाई गई। 2013 में आप ने दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा और अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस की पूर्व सीएम शीला दीक्षित को हरा दिया। आप ने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई, इसके बाद केजरीवाल सीएम बने। फिर साल 2015 में चुनाव हुआ और आप रिकॉर्ड 67 सीटें जीतकर विधानसभा में पहुंची। 

Sources:-Dainik Jagran

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