पहली बार में बिना किसी कोचिंग के IAS ऑफिसर बने अरुण राज, बेहद खास है इनकी सफलता की कहानी

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Patna: अरुण राज ने वर्ष 2014 में यूपीएससी के रिजल्ट में आल इंडिया रैंक 34 के साथ ही पहली बार में सफलता हासिल कर अपना नाम को शुमार कर लिया और बिलकुल इसी वर्ष उन्होंने अपनी आईआईटी से ग्रेजुएशन को भी पास किया. यूपीएससी परीक्षा को सब यही मानते है की ये दुनिया की सबसे ज़्यादा कठिन परीक्षाओं में से एक है. और इसके साथ हमारे दूसरी परीक्षा की तैयारी करना या कोई और नौकरी करना तो बिलकुल मुश्किल है. अगर जब तक किसी कैंडिडेट्स की मजबूरी नहीं होती की वे सामन्यतः इस परीक्षा के साथ साथ किसी और काम को नहीं चुनते. लेकिन कुछ कैंडिडेट्स को ऐसा करना पड़ जाता है.

और आज जिनके बारे में हम आपको बताने जा रहे है उनका नाम अरुण राज उनही कैंडिडेट्स में से थे जिन्होंने इन कठिन परीक्षा के साथ साथ एक और परीक्षा की तैयारी को भी अंजाम दिया. अरुण ने खुद ही अपने लिए ऐसे कठिन तरीके को चुनना पसंद किया और यह कहे की उनका खुद पर ये विश्वास ही था कि वो पहली बार में सफल भी हुए. और तो और उन्होने अपने यूपीएससी परीक्षा के लिए किसी बही तरह की कोई कोचिंग नहीं ली. और इसके साथ ही आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से अपनी ग्रेजुएशन को भी पूरा किया इतना म्हणत करने के बाद भी अरुण ने कभी हार नहीं मानी और सिर्फ 22 साल की एक छोटी उम्र में इन्होने दोनों परीक्षाएं को एक साथ पास किया.

एक ब्राइट स्टूडेंट थे 

अरुण बचपन से ही अपनी पढ़ाई में काफी अच्छे थे और उनके तकरीबन सभी सब्जेक्ट्स में बढ़िया नंबर आते थे. उन्होंने अपनी पढ़ाई सीबीएसई बोर्ड से पूरी की और उनके दसवीं में 94.8 और बारहवीं में 91.6 प्रतिशत अंकों के साथ अपनी परीक्षा को पास कीया. और फिर इसके बाद उन्होंने कठिन आईआईटी जैसे एग्जाम को भी पास किया. अरुण को आईआईटी कानपुर मिला. इस जगह से ग्रेजुएशन पूरा करते वक्त ही अरुण ये तय कर चुके थे कि उन्हें यूपीएससी की परीक्षा को भी पास करनी है. उन्होंने हमेशा से अपने दिमाग में इस बात को रखा था और उन्होंने आखिरी साल से ही खुदसे सेल्फ स्टडी की और उस माध्यम से यूपीएससी की तैयारी को अंजाम दिया. अरुण ने अपने पुरे दिन के घंटे बांटे हुये थे कि उन्हें कब कोनसी स्नातक की पढ़ाई करनी है और कब उन्हें यूपीएससी की तैयारी करनी है. और लगभग करीब डेढ़ साल तक अरुण ने अपनी इस बैलेंस को मेंटेन किया. और यही वजह थी कि उन्होंने दोनों बड़ी परीक्षाओ को साथ में पास कर लिए. और उनके लिए एक परीक्षा दूसरे के रास्ते का रोड़ा नहीं बना.

रैट-रेस में नहीं दौड़ना चाहते थे 

एक साक्षात्कार में अपने यूपीएससी को चुनने के पीछे की वजह को बताते हुए अरुण बताते हैं कि आजकल की ज्यादातर सभी नौकरियां बिलकुल ऐसी होती हैं जिन्हें हम पा तो लेते है लेकिन इस जीवन के संघर्ष और कांपटीशन कभी खत्म नहीं होता. और तो और इन नौकरियों में आपको हमेशा जिंदगी भर रैट-रेस में भागना ही होता है नहीं तो आप पीछे छूट जाते हैं. और उनके हिसाब से वो इस दौड़ में हमेशा के लिए नहीं दौरना चाहते थे, और वी हुआ उन्हें एक आईएएस की जॉब लगी, जिसे पाना काफी कठिन है पर एक बार उस मुकाम पे आप पहुंच जाए तो खुद को हमेशा साबित करने और किसी कांपटीशन में बने रहने की आपको जरूरत नहीं. साथ ही वो अपने भारतदेश में ही रहकर अपनी खुदकी शर्तों पर काम करना चाहते थे. और इनसभी सोच ने अरुण को अपनी सिविल सर्विसेस के परीक्षा को चुनने के लिए प्रेरित किया.

अरुण की एडवाइज़

अरुण आगे सभी दूसरे कैंडिडेट्स जो इस तरह के एग्जाम को देने की इच्छा रखते है उन्हें यही सलाह देते हैं कि उन्हें जितने भी घंटे पढ़ना परे बिलकुल पढ़ो, और कांसन्ट्रेट होकर पढ़ो और रोज़आना पढ़ो. अगर किसी विषय को उठाओ तो उसका टारगेट बनाकर उसमे जितने भी टॉपिक्स है, उसे खत्म करके ही उठो. अपने शेड्यूल को लेकर बिलकुल रिजिड रहो क्योकि सभी इंसानों को एक मूड स्विंग ज़रूर होता ही है तो ऐसे में अगर आपका दिल न लगे तो पढ़ाई से कुछ देर का ब्रेक लो, जबरदस्ती किताबें खोलकर बैठने से कोई फ़ायदा नहीं. अक्सर स्टूडेंट्स एक-दो बार में सेलेक्ट नहीं हो पाते , ऐसे में आपको हिम्मत नहीं हारनी है और ऐसे वक्त में कई बार मेंटल सेचुरेशन आते है लेकिन ऐसी स्थिति से निकलने की आप कोशिश करे. सभी वैसे रिश्तेदारों से और दोस्तों से दूर रहिए जो अक्सर आपको डिमोटिवेट करते है. कोई bhale ही कुछ भी बोले लेकिन आप अपनी निगाहें अपने लक्ष्य पर ही रखिए.

आप सिर्फ सेलेक्टेड स्टडी मैटेरियल को ही चुनिए और अंत तक उसी से स्टिक रहिए. रिवीज़न जितना हो सके करते रहे, सभी मॉक पेपर्स को सॉल्व करिए और ऐस्से का बिलकुल जमकर अभ्यास करिए. क्योकि अगर आप एक अच्छे प्रॉपर स्ट्रेटजी से तैयारी करेंगे तो देर लगेगी लेकिन आपको आपकी सफलता बिलकुल निश्चित मिलेगी.

Source: Ek Bharat

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