आरा में हो रहे विश्व धर्म सम्मेलन में नीतीश कुमार और RSS प्रमुख भागवत शामिल होंगे

आस्था

आरा के चंदवा में 25 सितंबर से शुरू श्री रामानुजाचार्य सहस्राब्दि महामहोत्सव सहस्त्र महायज्ञ पूरे वैदिक रीति-रिवाज से चल रहा है। इसमें प्रति दिन लाखों की संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं। महायज्ञ की पूर्णाहुति 5 अक्टूबर को होने वाली है।

इससे पहले यहां 4 और 5 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय धर्म सम्मेलन, संत सम्मेलन और श्रीवैष्णव सम्मेलन होने वाला है। इसमें बड़ी संख्या में धर्माचार्य, विद्वान और राजनेता शामिल होंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी आज के कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।

एक अनुमान के मुताबिक यज्ञ सिटी में सात से आठ लाख श्रद्धालु पहुंचे। श्री भाष्कर रामानुजाचार्य सहस्त्राब्दी जयंती महोत्सव सह 1008 श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच गए हैं। पूरे दिन पूजा-पाठ व हवन का कार्यक्रम चलता रहा।

मुख्य यज्ञमंडप सहित सभी 1043 मंडपों में पीले रंग के परिधान में यजमान पूजा में लीन हैं। वहीं 11 हजार वैदिक विद्वान भी मंत्रोच्चार व पूजा कराने में जुटे हुए हैं। दक्षिण भारत के संतों के लिए बनाये गये मंडप में भी मंत्रोच्चार व पूजा-पाठ चल रहा है। इससे पूरी यज्ञनगरी वैदिक विद्वानों के मंत्रोच्चार से गूंज रही है।

हेलीकॉप्टर से पुष्प-वर्षा

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आरा में 30सितंबर से शुरू श्री रामानुजाचार्य सहस्राब्दी महायज्ञ अब परवान पर पहुंच चुका है। आयोजन समिति के अनुसार 4 अक्टूबर को यज्ञ स्थल पर हेलीकॉप्टर से पुष्प-वर्षा का कार्यक्रम है। इसके साथ ही दूसरे हेलीकॉप्टर से विभिन्न तीर्थों से एकत्र किए गए जल का छिड़काव किया जाएगा।

हालांकि, मंगलवार की शाम तक हेलीकॉप्टर नहीं आए थे। इस बारे में आयोजन समिति ने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में तहत हेलीकॉप्टर से जल पुष्प-वर्षा होगी। कार्यक्रम को ले कर देश-विदेश से संत महात्माओं का आगमन हो चुका है।

एक अनुमान के मुताबिक मंगलवार को यज्ञ सिटी में आने वाले श्रद्धालु नर-नारियों का आंकड़ा सात से आठ लाख बताया जा रहा है। यज्ञ सिटी में तीन तरफ से पहुंचने का मुख्य रास्ता है।

इनमें पहला अारा शहर से चंदवा मोड़, दूसरा आरा-सलेमपुर रोड से मंझौवा बांध होकर, तीसरा आरा-बक्सर नेशनल हाइवे पर बामपाली होकर। मंगलवार को इन तीनों रास्तों पर चार से पांच किलोमीटर दूरी तक सिर्फ और सिर्फ श्रद्धालु दिख रहे थे। यह नजारा सुबह से शाम तक रहा।

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