बिहार के बेगूसराय में एक दिन के लिए थानेदार बनी कराटे की राष्‍ट्रीय पदक विजेता अंजलि

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Patna: बिहार की पुलिस अपनी छवि को सुधारने और आम लोगों के साथ दोस्‍ताना कायम करने के लिए हमेशा कुछ न कुछ नया करती रहती है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर बेगूसराय जिले के बलिया थाने में ऐसा ही कुछ देखने को मिला। कराटे में राष्ट्रीय पदक विजेता नौवीं कक्षा की छात्रा अंजलि को एक दिन के लिए बलिया थाने का थानाध्यक्ष बनने का मौका मिला।

13 वर्षीय पुत्री अंजलि कुमारी बलिया नगर के छोटी बलिया ऊपरटोला निवासी मनोज कुमार स्वर्णकार की बेटी है। वह बलिया बिबेकानंद पब्लिक स्कूल के नवम वर्ग की छात्रा है। थाना पर गणतंत्र दिवस का झंडोतोलन थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु आइपीएस अवधेश दीक्षित ने छात्रा अंजलि के साथ किया। उसके बाद समारोह में उपस्थित एसडीओ डॉ. उत्तम कुमार, डीएसपी कुमार बीर धीरेंद्र, बीडीओ विकास कुमार, सीओ अमृतराज बंधु, नगर कार्यपालक पदाधिकारी, प्रमुख कुंदन यादव सभी अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सैकड़ों गणमान्य लोगों के बीच एएसपी सह बलिया थानाध्यक्ष अवधेश सरोज ने अंजलि को एक दिन के लिए थानाध्यक्ष बनाने की घोषणा की।

एएसपी अवधेश दीक्षित ने कहा कि अंजलि अपने वर्ग में बेहतर पढ़ाई भी कर रही है। साथ ही कराटे का प्रशिक्षण 2014 में प्राप्त कर ताईक्वांडो कराटे में अनगिनत उपलब्धि हासिल कर कीर्तिमान स्थापित किया। अंजलि ने 2019 में हैदराबाद में कराटे में भाग लेकर राष्ट्रीय पुरस्कार गोल्ड मेडल जीता। 2018 में मणिपुर में नेशनल स्कूल में भी प्रदर्शन कर सबका दिल जीता। 2020 में अलवर राजस्थान में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इतनी उपलब्धि कम उम्र में हासिल करना प्रशंसनीय है। अंजलि हजारों लड़कियों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत है। इससे लड़कियों को सीख लेनी चाहिए। घर की लड़कियों को आगे आना चाहिए एवम नारी सशक्तिकरण को बढ़ाया जाए।

अंजलि के पिता मनोज भी कराटे प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाते हैं। प्रखंड परिसर में अंजलि को प्रतिदिन कराटे का प्रदर्शन करते एवं छोटे-छोटे बच्चों को सिखाते देख उसमे कुछ करने व आगे बढ़ने की ललक को देखकर इसको इतनी बड़ी जिम्मेदारी थानाध्यक्ष ने उसे दी। थानाध्यक्ष बनाने के साथ ही एएसपी ने कहा कि हमारी शिकायत व पुलिस की भी कोई शिकायत हो तो आवेदन दे सकते हैं उसपर भी कार्रवाई होगी।

अंजलि ने कहा कि हमें भी देश के लिए कुछ बेहतर करने की तम्मन्ना है। झंडोत्‍तोलन के बाद अंजलि को थानाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया गया। महिला दारोगा को उसके सहयोग के लिए दिया गया। साथ ही सभी कार्यों से अवगत कराया गया है। सभी कार्य के साथ गश्ती के लिए भी निकलेगी। पहला आवेदन भगतपुर के विकास पासवान ने दिया है। इसमें हाइस्कूल के पास लगने वाले जाम से मुक्ति के लिए कार्य करने की बात कही। इस आवेदन को अधिकारी को अग्रसारित किया।

Source: Samastipur Live

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