बिहार के कैमूर जिले के सरेया गांव में मच्छरों का प्रकोप कुछ ऐसा है कि लोग अपनी भैंस को मच्छरदानी में रखते हैं. इस गांव में अधिकतर लोग पशुपालन करते हैं और उनका कहना है कि गांव में मच्छरों का प्रकोप इतना अधिक है कि भैंस कम दूध देने लगी थी. जानवरों मच्छरों के काटने से परेशान होकर ना खा पाती थी और ना बैठ पाती थी. तब जाकर लोगों ने मच्छरदानी का इस्तेमाल करना शुरू किया.

यहां के लोगों ने ऑर्डर देकर अपने जानवरों के लिए बड़ी-बड़ी मच्छरदानी बनवाई. दिन में तो उन्हें ऐसे ही रखा जाता है लेकिन रात होते ही सभी गाय और भैंसों को मच्छरदानी के अंदर डाल दिया जाता है. लोगों का कहना है कि ऐसा करने से गाय-भैंस प्रतिदिन एक से डेढ़ लीटर अधिक दूध देने लगे.

वही, पशु चिकित्सक ने बताया मवेशियों को मच्छर और कई प्रकार के छोटे-छोटे कीट काटते रहते हैं. जिससे वो अच्छे से नहीं खा पाते हैं और ना आराम कर पाते हैं. जब शरीर को आराम नहीं मिलेगा तो वह दूध ठीक से नहीं दे पाएगी.

ऐसा पहली बार सुनने में आया है कि किसी गांव के लोग मच्छरदानी में पशुओं को रख रहे हैं लेकिन पशुओं के आराम के लिए लोगों के इस तरीके की हर कोई तारीफ कर रहा है.

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