दुनियाभर का दिल जीतकर बढ़ाया बिहार का मान, पटना के लोगों ने किया आनंद को सलाम

एक बिहारी सब पर भारी

सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार के पटना स्थित मीठापुर घर का माहौल शुक्रवार की रात कुछ अलग था। सोनी चैनल पर प्रसारित शो कौन बनेगा करोड़पति में सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार अमिताभ बच्चन के सामने हॉटसीट पर बैठे थे।

शो को देखने के लिए उनके घर के पास बकायदा प्रोजेक्टर लगवाया गया था। आनंद कुमार के साथ मोहल्ले के लोग, छात्र व उनके घर के लोग शो देखने के लिए बैठे हुए थे। आनंद कुमार ने बताया कि बहुत ही अच्छा लग रहा है, सारे लोग उत्साहवर्धन के लिए साथ में बैठे रहे।

सवाल-जवाब के दौरान कभी ठहाके तो कभी उत्साह बढ़ाते हुए लोग नजर आए। आनंद ने गणित को खेल-खेल में पढ़ाने का तरीका भी बताया। अमिताभ बच्चन ने उनसे पूछा कि आप बच्चों को कैसे पढ़ाते हैं। इसके जवाब में आनंद ने कुछ तरीके बताए।

उन्होंने कहा कि खेल-खेल में बच्चों का मनोरंजन कर गणित पढ़ाते हैं। लोगों का प्यार उनके साथ है। 25 लाख रुपए जीतकर उन्होंने खेल समाप्त किया। इस दौरान सुपर 30 में पढ़ चुके आईआईटी छात्रों में से अनिरुद्ध सिन्हा और अनूप कुमार ने उनका सहयोग किया। छात्र दर्शक गैलरी में बैठे थे।

शिक्षा में उनके योगदान को देखते हुए आनंद को एक सेलिब्रिटी तौर पर आमंत्रित किया गया था। सुपर 30 के 400 से अधिक छात्र अब तक पिछले 15 वर्षों में आईआईटी तक पहुंच गए हैं।

आनंद कुमार ने अपने संघर्ष की कहानी भी बताई। अमिताभ बच्चन ने उनसे पूछा कि पढ़ाने का आइडिया कैसे आया।
उन्होंने कहा कि पिताजी की अचानक मौत के बाद घर-घर घूमकर पापड़ बेचते थे। उसी की आमदनी से घर चलता था। इसके बाद उन्हें कहा गया कि पढ़ाओ। पढ़ाने बैठे तो शुरुआत में दो बच्चे थे, दोनों भाग गए। लगा कि जीवन में कुछ नहीं कर सकते।

इसके बाद ही गरीब बच्चों को पढ़ाने का आइडिया दिमाग में आया। मां ने कहा कि बच्चों के लिए खाना बनाएंगे, भाई ने कहा कि मैनेजमेंट देखेंगे। इसके बाद ही यह सिलसिला चल पड़ा।

बचपन में थे काफी गरीब सबसे पहले आपको बताते चलें कि आनंद कुमार बिहार ही नहीं देश की एक ऐसी चर्चित हस्ती हैं जिन्हें बड़ा गणितज्ञ कहा जाता है। वे गरीब बच्चे को गांव से उठाकर पढ़ाते हैं और इंजीनियर बनाते हैं। देश-विदेश में आईआईटी में गरीब बच्चों को भेजने के लिए वे काफी मशहूर हैं।

उनके बचपन की कहानी अगर आप को बताएं तो आप यकीन नहीं करेंगे कि गरीब लड़का कैसे इतनी मेहनत कर सकता है? बचपन के दिनों में साइकिल से घूम-घूमकर फेरी करने वाले आनंद कुमार ने साल 2002 में सुपर 30 नाम से कोचिंग इंस्टीट्यूट की शुरुआत की थी। हर साल 30 बच्चे को फ्री में पढ़ाते हैं और आईआईटी कोचिंग देते है।

2002 में कोचिंग की शुरुआत करने वाले आनंद कुमार की सफलता की कहानी दिन पर दिन बढ़ती चली गई जहां 2003 में आईआईटी एंट्रेंस में सुपर 30 के 30 में से 18 बच्चों को जगह मिली तो 2004 में 30 में से 22 बच्चे और 2005 में 26 बच्चों को। साल 2008 से 2010 तक आनंद सुपर थर्टी का रिजल्ट पूरे देश में चर्चित हो गया क्योंकि इन 2 सालों में 30 में से 30 बच्चे आईआईटी एंट्रेंस में सलेक्ट हुये।

पर्दे पर भी दिखेगी सुपर -30 की बायोपिक पूरे देश में अपनी कामयाबी का मिसाल पेश करने वाला सुपर 30 अब पर्दे पर दिखेगा जिसमें सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार की बायोपिक का किरदार बॉलीवुड के जानेमाने अभिनेता निभाएंगे।

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