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हनुमानजी का ये मंदिर है बेहद खास, साल में तीन बार अमिताभ बच्चन करवाते हैं यहां पूजा

आस्था

अक्टूबर को महानायक अमिताभ बच्चन का बर्थडे है। इलाहाबाद में जन्मे बिगबी का यहां के अकबर किले के पास स्थित हनुमान मंदिर से बच्चन फैमिली का खास नाता है। हनुमान जी यहां लेटे अवस्था में हैं। अमिताभ बच्चन अपने खास को साल में 3 बार यहां भेजते हैं, जोकि उनकी फैमिली के नाम से पूजा-अर्चना करवाता है और प्रसाद मुंबई ले जाता है। स्वामी नरेंद्र गिरि बताते हैं, अमिताभ बच्चन के पिता डॉ हरिवंश राय हनुमान जी के परम भक्त थे।

जब वो इलाहाबाद में रहते थे, तो हर शनिवार और मंगलवार को अमिताभ और अजिताभ के साथ इस हनुमान मंदिर में दर्शन करने जरूर आते थे। उस समय हरिवंश राय बाघंबरी गद्दी मठ के महंत और मेरे गुरुजी स्वामी बलदेव गिरी महाराज के पास घंटों बैठते थे और उनसे सत्संग से संबंधित बातचीत करते थे। पिता के साथ आते-आते अमिताभ भी हनुमान जी के भक्त बन गए थे। अमिताभ की जब भी ज्यादा तबीयत खराब होती, वो यहां जरूर आते।

2 बार उनका अनुष्ठान भी कराया गया। पहला अनुष्ठान साल 1982-83 में फिल्म कूली की शूटिंग के दौरान घायल होने पर हुआ था। उस समय बाबूजी उन्हें मुंबई से इलाहाबाद लेकर आए थे। स्वामी बलदेव गिरी महाराज ने 101 वैदिक ब्राम्हणों से 11 दिन तक एकदशनी यज्ञ करवाया था। यज्ञ की पूर्णाहुति के दिन हवन करते समय सूचना मिली थी कि अमिताभ को आराम हो गया था।

2011 में जब अमिताभ दोबारा गंभीर रुप से बीमार हुए थे, तब उनके भाई अजिताभ ने अनुष्ठान कराने की गुजारिश की थी। उस समय 21 वैदिक विद्वानों से 7 दिन का सूर्योपासना यज्ञ कराया गया था। ब्राह्मणों के लिए 51 हजार रुपए की दक्षिणा अजिताभ की ओर से भेजी गई थी। यही नहीं, उन्होंने 51 किलो ग्राम का पीतल का घंटा भी मंदिर में टंगवाया था, जोकि आज भी मौजूद है।

स्वामी नरेंद्र गिरि बताते हैं, संगम के बंधवा पर स्थित हनुमान मंदिर पूरे वर्ल्ड में एकलौता ऐसा मंदिर है, जहां हनुमान जी लेटे अवस्था में हैं। मंदिर का वर्णन पुराणों में भी मिलता है। करीब 20 फीट लंबी हनुमान जी की प्रतिमा को मुगल शासक अकबर ने अपने किले के अंदर करने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हुए। लेटे अवस्था में हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने के लिए ज्यादा लेबर लगाए थे, जोकि बीमार हो गए।

लेकिन मूर्ति टस से मस नहीं हुई। हताश होकर अकबर ने मूर्ति को वहीं छोड़ दिया। बाद में साल 1787 में मंदिर का निर्माण कराया गया, जोकि बाघंबरी गद्दी मठ के अंडरटेकिंग में है। मंदिर का पुनरुद्धार साल 1940 में किया गया।

स्वामी आनंद गिरी बताते हैं, 2 अक्टूबर 2017 को अमिताभ से बात हुई थी, उन्हें संगम की गंगा आरती और हनुमान जी की आरती का वीडियो भेजा था, जिसे देख वह हैरान हो गए थे। उन्होंने कहा था कि अरे महाराज जी संगम और हनुमान जी का तो कायाकल्प हो गया है। दिसंबर 2017 में गंगा सेना की ओर से गंगा सफाई अभियान से संबंधित एक बड़ा कार्यक्रम संगम नगरी में कराया जा रहा है, जिसमें हिस्सा बनने की स्वीकृति अमिताभ बच्चन ने दे दी है।

बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, राजीव गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, चंद्रशेखर, मुलायम सिंह यादव, नारायण दत्त तिवारी, अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ भी यहां हनुमान जी के दर्शन को आ चुके हैं।

 

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