आमिर खान ने बिहार में बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए दिए 25 लाख, कई और हस्तियां ने भी…

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बिहार में इस साल आयी बाढ़ के कारण स्थिति काफी भयावह थी। जैसे-जैसे पानी उतर रहा है, तबाही का मंजर दिखने लगा है। बाढ़ पीडि़तों के पास न तो रहने को आशियाना बचा है और न ही खाने को कुछ है। ऐसे में बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए कई हस्तियां सामने आने लगी हैं।

बुधवार को फिल्म अभिनेता आमिर खान, सांसद सीपी ठाकुर, मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि समेत कई हस्तियों एवं नेताओं ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ पीडि़तों की सेवा के लिए सबका आभार जताया है।

आमिर खान प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से डाक के जरिए 25 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजा गया। भाजपा नेता एवं राज्यसभा सदस्य सीपी ठाकुर ने मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज एवं पारू प्रखंड के प्रभावितों के लिए अपनी सांसद निधि से 20 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंपा।

इसी तरह कला संस्कृति मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने एक लाख, विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह ने अपनी तरफ से ढाई लाख तथा कुमार आर्गेनिक प्रोडक्ट लिमिटेड की तरफ से 12.50 लाख रुपये, पूर्व मंत्री मोनाजिर हसन ने 50 हजार रुपये, पूर्व एमएलसी विनोद कुमार सिंह ने एक लाख रुपये, पूर्व विधायक डॉ. इजहार आलम ने 51 हजार रुपये, बेगूसराय के मेयर उपेंद्र सिंह ने एक लाख 11 हजार रुपये का चेक सीएम राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को सौंपा।
बॉलीवुड अभिनेता आमिर खाना को बिहार का लिट्टी-चोखा काफी पसंद है। जब वे पीके के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे तो वह लिट्टी-चोखा खाना नहीं भूले। आमिर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लिट्टी-चोखा खाने की इच्छा जताई थी, इसके बाद वे बेली रोड स्थित एक लिट्टी-चोखा के दुकान पर रुककर इसका स्वाद चखा।

बिहार बाढ़ से- 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, लाखों हुए बेघर

बिहार में बाढ़ से हुई तबाही को देखने शनिवार को पूर्णिया पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मुख्यमंत्री ने 10 हजार 787 करोड़ 32 लाख की हुई क्षति का ब्योरा दिया। हवाई सर्वेक्षण के बाद चूनापुर स्थित वायुसेना के गेस्ट हाउस में प्रधानमंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी और आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चन्द्र यादव के अलावा राज्य और केन्द्र सरकार के आलाधिकारियों के साथ समीक्षा की।

लगभग 50 मिनट तक चली समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि बिहार के सीमांचल सहित 19 जिलों के 185 प्रखंड की 2 हजार 344 पंचायतों की 1 करोड़ 61 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि सबसे ज्यादा सड़क और पुल पुलिया टूटी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री को बिहार में बाढ़ से 10 हजार 787 करोड़ 32 लाख की हुई क्षति का विस्तृत ब्योरा दिया।

समीक्षा के दौरान राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री को बाढ़ से हुए नुकसान की तस्वीरें और वीडियो क्लिप भी दिखाई। बीच-बीच में मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को प्रोजेक्टर पर दिखाऐ जा रहे डाटा और फुटेज के संबंध में जानकारी दे रहे थे।

समीक्षा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री को कहा कि तत्काल 500 करोड़ का पैकेज दिया जा रहा है और जितनी राशि की आवश्यकता होगी, करेंगे। मौके पर ही उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि एक अधिकारी के साथ उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को पूरी रिपोर्ट लेकर दिल्ली भेज दें। समीक्षा बैठक में मौजूद राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चन्द्र यादव ने बताया कि बिहार में बाढ़ से हुई क्षति को देख प्रधानमंत्री ने हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
राहत सामग्री पाकर बाढ़ पीड़ितों के खिले चेहरे

प्रधानमंत्री ने बैठक में ही कहा कि इस बार बाढ़ में पानी का लेवल क्या था इसका सही पता अभी भी घरों और आसपास वृक्ष और दीवारों पर बने पानी के निशान से चल जाएगा। सड़क और पुल की उंचाई इससे अधिक रखनी होगी। आपदा मंत्री ने बताया कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने एक-एक बिन्दु पर गहन समीक्षा की और अधिकारियों से सवाल पूछते रहे।
सीमांचल के जिलों में आई प्रलयंकारी बाढ़ से हुई भीषण क्षति को देखने और उसका जायजा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पूर्णिया में थे। सुबह पूर्णिया वायुसेना के विमान से पहुंचने के बाद उन्होंने पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार में बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के बाद प्रोजेक्टर के जरिए बाढ़ की विभीषिका देखी और समझी। बिहार सरकार ने प्रधानमंत्री को बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत ब्यौरा दिया जिसके बाद प्रधानमंत्री ने केंद्र से बिहार को राहत के लिए हरसभंव मदद देने का आश्वासन दिया।

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