अमेरिकन कंपनी बिहार में कचरे से फैदा करेगी बिजली और गैस, गंदगी से भी मिलेगा छुटकारा !

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राजधानी के कचरे से हर दिन ढाई लाख लीटर बायो डीजल, बिजली और गैस तैयार की जाएगी। अमेरिकन टेक्नोलॉजी पर आधारित एक कंपनी ने नगर विकास सह आवास विभाग को इस बाबत प्रस्ताव दिया है। कंपनी राजधानी में ठोस कचरा प्रबंधन भी करेगी। कचरे की समस्या से निजात के साथ इससे बायो डीजल, बिजली, पेयजल भी तैयार किया जा सकेगा। एक अनुमान के अनुसार पटना में हर दिन निकलने वाले सूखे व गीले कचरे से करीब ढाई लाख लीटर बायो-डीजल तैयार किया जा सकता है।

एजी डाउर्ट्स वेस्ट प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के एमडी अजय गिरोत्र ने नगर विकास सह आवास मंत्री सुरेश शर्मा को यह प्रस्ताव दिया है। अजय गिरोत्र ने बताया कि हमारे पास ऐसी तकनीक है जिससे कचरे से ही बायो-डीजल, विद्युत और पेयजल तैयार कर सकते हैं। बायो डीजल काफी उपयोगी है। निकाय या सरकार चाहे तो इसे बायो-गैस में बदलकर शहर में कनेक्शन दिया जा सकता है। यह एलपीजी से काफी किफायती है। बताया जाता हैं कि पटना में पूर्व में भी एक कंपनी को दो वर्ष पहले कचरा से विद्युत बनाने के लिए करार किया गया था। लेकिन कुछ नहीं होने के बाद उसका करार रद करने की तैयारी की जा रही है।

डेढ़ मिनट में पूरी होगी प्रक्रिया

पहले प्लाज्मा गैसीफिकेशन से कूड़े को विखंडित किया जाएगा। इसके बाद इसे मॉलीक्युलर फॉर्म में बदलकर ‘सिन’ गैस बनाई जाएगी, जो डीजल में परिवर्तित हो जाएगी। पूरी प्रक्रिया में डेढ़ मिनट लगेगा। डीजल के अलावा हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाला जेट फ्यूल और पीएनजी भी बनाने का कंपनी ने दावा किया। 
उत्तर प्रदेश के दो शहरों में प्रस्ताव अंतिम चरण में : ठोस कचरा प्रबंधन के तहत एजेंसी व उत्तर प्रदेश सरकार के कई नगर निगम में कंपनी को काम सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें शाहजहांपुर व मुरादाबाद नगर निगम में सरकार के स्तर पर एजेंसी के साथ एमओयू की प्रक्रिया चल रही है। शाहजहांपुर नगर निगम के आयुक्त एचके सिंह ने बताया कि एजी डाउटर्स के साथ ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट स्थापित करने के लिए सरकार मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

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