धनोआ ने ऑपरेशन सफेद सागर के 20 साल होने के मौके पर करगिल युद्ध में हुई हवाई कार्रवाई के बारे में बात की । उन्होंने कहा- वह पहला मौका था, जब मिग-21 विमान के जरिए रात के वक्त हवा से जमीन पर बम फेंके गए।

करगिल से घुसपैठियों को भगाने के लिए 1999 में वायुसेना ने ऑपरेशन विजय के तहत ऑपरेशन सफेद सागर चलाया था।उन्होंने कहा कि एयरफोर्स किसी भी तरह के युद्ध के लिए तैयार है। धनोआ ने कहा कि करगिल जैसी जंग हो, आतंकी हमलें हों या फिर पूरी तरह से युद्ध के हालात हों.. हम हर स्थिति में जवाब देने में सक्षम हैं।

धनोआ ने कहा कि करगिल युद्ध के बाद से एयरफोर्स की क्षमताओं में काफी वृद्धि हुई। इससे हम हवा में किसी भी प्रकार के खतरे का जवाब दे सकते हैं।

करगिल के वक्त बम फेंकने की जो क्षमता सिर्फ मिराज-2000 में थी, आज वहक्षमता सुखोई-30, जगुआर, मिग-29 और मिग-27 अपग्रेडेड में भी है।इसी साल 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। इसके बाद एयरफोर्स ने पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमला किया था।

उन्होंने कहा कि आज हम सुखोई-30, मिग-29 और मिराज 2000 से बीवीआर (बियॉन्ड विजुअल रेंज) मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं। वायुसेना के पास अवाक्स है, जो दुश्मन देश के भीतरी हिस्से से भी एयरस्पेस को मॉनिटर कर सकता है।

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