अग्निपथ स्कीम: ना पेंशन, ना ग्रेच्युटी… युवाओं को क्यों नहीं सरकार के वादे पर भरोसा?

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हाल ही में एक वेब सीरीज रिलीज हुई थी, पंचायत। सीरीज के आखिरी एपिसोड में उप-प्रधान प्रहलाद का फौजी बेटा शहीद हो जाता है। उसके अंतिम संस्कार को कवर करने दो पत्रकार आते हैं। इस दौरान पंचायत ऑफिस में बातचीत के दौरान एक पत्रकार कहता है कि तीस-चालीस हजार में जान देने वाले और कहां मिलेंगे? बात भी बिलकुल सही है। सेना में शामिल होने वाले ज्यादातर युवा मध्यम और निम्न मध्यम परिवार से आते हैं। फिर पिछले दो सालों से सेना में भर्ती का इंतजार क्योंकि कोरोना के बाद दो साल से सेना में भर्ती नहीं निकली। इन दो सालों में हर दिन सेना में भर्ती होने की आस में सुबह-सुबह दौड़ लगाने और दिन रात एक कर पढ़ाई करने वाले युवाओं का आज गुस्सा फूट पड़ा। वजह है केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना जिसके तहत सेना में सिर्फ चार साल के लिए भर्ती होगी।

यूपी-बिहार के लाखों युवाओं के मन में अग्निपथ स्कीम को लेकर रोष है। यही रोष अब उपद्रव में बदल चुका है जिसकी वजह से कई ट्रेनों में आगजनी और तोड़फोड़ हो रही है। युवाओं के गुस्से की सबसे बड़ी वजह ये है कि सेना में भर्ती होने के लिए जी-जान से मेहनत के बाद अगर उनका सिलेक्शन हो भी गया तो सिर्फ चार साल की नौकरी मिलेगी तो उसका क्या फायदा?

सरकार का कहना है कि अग्निवीरों को चार साल की नौकरी के बाद अर्धसैनिक बल समेत दूसरे विभाग में नौकरियां मिलेगी लेकिन युवा सरकार के इस वादे से संतुष्ट नहीं हैं। युवाओं की चिंता का सबसे बड़ा कारण ये है कि चार साल की सर्विस के बाद वो क्या करेंगे? चार साल बाद उन्हें जबरन रिटायर कर दिया जाएगा। इस दौरान ना उन्हें ग्रेच्युटी  मिलेगी ना पेंशन। आगे की जिंदगी कैसे चलेगी? सरकार आगे की नौकरी का आश्वासन दे रही है लेकिन युवाओं को भरोसा नहीं है। युवाओं को डर है कि चार साल बाद वो ना घर के रहेंगे ना घाट के। यही वजह है कि युवा उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं।

सरकार की अग्निवीर स्कीम से क्या दिक्कत?

सरकार ने पहली बार सेना में भर्ती के लिए इस तरह की स्कीम लॉन्च की है जिसे अग्निपथ नाम दिया गया है। इस योजना के तहत चार साल के लिए जवानों की भर्तियां होंगी। इस योजना के तरह हर साल 17 से 21 साल तक के 40 से 50 हजार युवाओं की भर्ती होगी। मेरिट और मेडिकल आधार पर ये भर्तियां होंगी।

इस योजना के मुताबिक सैनिकों को 6 महीने की मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी। पहले साल 30 हजार प्रति माह की सैलरी मिलेगी। दूसरे साल 33 हजार, तीसरे साल 36,500 और चौथे साल 40 हजार सैलरी मिलेगी। चार साल बाद इन सभी अग्निवीरों की सेवाएं खत्म हो जाएगी और फिर नए सिरे से भर्तियां होंगी। योजना के मुताबिक चार साल पूरे होने पर 25 फीसदी अग्निवीरों को स्थाई काडर में शामिल किया जाएगा। युवाओं की चिंता की सबसे बड़ी वजह ये है कि बाकी के 75 फीसदी अग्निवीर जिन्हें रिटायर किया गया है उनका क्या होगा?

 

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