पटना: झारखंड की राजधानी रांची से 60 किलोमीटर दूरी पर तमाड़ खंड में स्थित दीउड़ी मंदिर से महेंद्र सिंह धोनी का ख़ास रिश्‍ता है. हाल फिलहाल ये मंदिर आईपीएल 11 की ट्रॉफी जीतने के बाद धोनी के आने के कारण चर्चा में है.

हालांकि कई बार यह सवाल भी उठ चुका है कि मंदिर से धोनी को फायदा हुआ या फिर मंदिर को धोनी से. सच कहा जाये तो धोनी की इस मंदिर के प्रति आस्‍था देखकर भक्तों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है. जबकि मंदिर के पुजारी भी कई दफा कह चुके हैं कि धोनी के मंदिर में लगातार आने से यहां आने वाले भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.

आईपीएल 11 की ट्रॉफी जीतने के बाद धोनी का दीउड़ी मंदिर पहुंचना तो ताजा घटना है, लेकिन इस मंदिर के प्रति टीम इंडिया के पूर्व कप्‍तान धोनी की आस्‍था और रिश्‍ता वर्षों पुराना है. जब धोनी घरेलू क्रिकेट खेलने के लिये जमशेदपुर जाया करते थे तब वो इस मंदिर में आने के लिये समय जरूर निकालते थे. यकीनन यह सिलसिला आज भी कायम है.

यही नहीं, धोनी को जब इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका मिला था तब भी वो इस मंदिर गये थे. इसके बाद 2007 टी20 वर्ल्‍ड कप, 2011 वनडे वर्ल्‍ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी 2013 की जीत के बाद भी धोनी इस मंदिर में आते रहे हैं.

2011 वर्ल्ड कप में कामयाबी के बाद धोनी को अपने करियर के सबसे बुरे दौर से गुजरना पड़ा था जब वे इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया से मात खा कर लौटे थे. उस समय भी धोनी इस मंदिर आए थे.

जबकि आईपीएल में दाे साल बाद वापसी करने वाली चेन्‍नई सुपर किंग्‍स और धोनी के लिए आईपीएल 11 के शुरू होने से  पहले भी इस मंदिर पूजा अर्चना की गई थी.
Source: News18

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