नहाने के बाद बोले ये मंत्र, संकटमोचन दूर करेंगे हर कष्ट

आस्था

पटना: धर्म ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी एकमात्र ऐसे देवता हैं जो सशरीर इस पृथ्वी पर विचरण करते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। हनुमान जी को संकट मोचन कहा गया है। हनुमान जी का नाम स्मरण करने मात्र से ही भक्तो के सारे संकट दूर हो जाते हैं। हनुमान जी की उपासना से बुद्धि, यश, शौर्य, साहस और आरोग्यता में वृद्धि होती है। हनुमान जी की कृपा पाने और सभी परेशानियों से छुटकारा पाने का एक अचूक उपाय है हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ। प्रतिदिन हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करने वाले भक्तों को सभी सुख मिलते हैं और धन की प्राप्ति होती है। ऐसे लोगों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती और उनकी किस्मत का सितारा चमक जाता है।

अगर शांति चाहिए तो सुंदरकांड पढ़िए। सुंदरकांड श्रीरामचरितमानस का चौथा अध्याय है। यह श्रीरामचरितमानस का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला भाग है क्योंकि इसमें हनुमान जी के बल, बुद्धि, पराक्रम व शौर्य का वर्णन किया गया है। सुंदरकांड के पढऩे व सुनने से मन में एक अद्भुत ऊर्जा का संचार होता है। सुंदरकांड के हर दोहा, चौपाई व शब्द में गहन अध्यात्म छुपा है, जिससे मनुष्य जीवन की हर समस्या का सामना कर सकता है। सुंदरकांड के पाठ से बहुत ही जल्द हनुमान जी प्रसन्न हो जाएंगे और आपको मालामाल कर देंगे।

हर रोज नहाने के बाद विशेषकर मंगलवार को इस उपाय के साथ मंत्र जाप करने से संकटमोचन जीवन में आ रहे हर संकट का अंत करेंगे।

स्नान के बाद हनुमान जी के मंदिर में उनकी प्रतिमा अथवा चित्रपट के सामने बैठकर सीयाराम जी को प्रणाम करें। फिर “ॐ श्री हनुमते नम:”मंत्र का जाप करें। प्रतिदिन इस मंत्र का रुद्राक्ष की माला पर कम से कम एक माला जाप करें।

ये मंत्र हर तरह की ऊपरी बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है।

जिस घर में हर रोज इस मंत्र का जाप होता है, वहां पर टोने-टोटके और काले जादू का कोई प्रभाव नहीं होता।

आर्थिक अभाव से छुटकारा मिलता है, पानी की तरह पैसे का प्रवाह बनने लगता है।

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