AES से जंग: हर बुधवार तीन महीने तक 241210 बच्चों को मिलेगा दूध, सरकार ने डेढ़ करोड़ से ज्यादा राशि आवंटित की

जानकारी

एईएस से बचाव के लिए 241210 बच्चों को हर बुधवार को तीन महीने तक दूध मिलेगा। जिले के एईएस प्रभावित 6 प्रखंडों में यह व्यवस्था की गई है। इसके लिए इन प्रखंडों में डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की गई है। इस बार नई व्यवस्था के तहत स्कूल प्रभारी बिक्री केंद्र के प्रभारी को सीधे खाता में भुगतान करेंगे। कैशलेश भुगतान की प्रक्रिया होगी। कुल नामांकित बच्चों को इसका लाभ नहीं मिलना है।

कक्षा एक से 5 में 63 फीसदी तो 6 से 8 में नामांकन के 70 फीसदी बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। डीपीओ पीएम पोषण योजना ने इस संबंध में प्रबंध निदेशक तिमुल को पत्र लिखकर इन प्रखंडों में सुधा पाउडर उपलब्ध कराने को कहा है। एईएस प्रभावित छह प्रखंडों बोचहां, मीनापुर, कांटी, पारू, मोतीपुर और मुशहरी के स्कूलों में सुधा दूध पाउडर उपलब्ध कराया जाना है। पहले स्कूल प्रधानाध्यापक द्वारा नगद राशि देकर बिक्री केन्द्र से सुधा दूध पाउडर लिया जाता था, मगर इस बार नई पद्धति के द्वारा खाता के माध्यम से प्रधानाध्यापकों द्वारा भुगतान किया जाएगा।

प्रधानाध्यापक द्वारा दूध प्राप्त कर उसकी रसीद बिक्री केन्द्र से प्राप्त कर पीएफएमएस वेब पोर्टल पर पीपीए एडवाइस जेनरेट कर केन्द्र प्रभारी को खाता के माध्यम से भुगतान करेंगे। हर बुधवार को 18 ग्राम सुधा दूध पाउडर को 150 मिली पानी में घोलकर पिलाया जाना है जिससे बच्चों को एईएस के प्रभाव से बचाया जा सके।

1283 स्कूलों में दिया जाना है दूध

अप्रैल से जून तक तीन महीने दूध देने का निर्देश दिया गया है। हालांकि अप्रैल महीना अभी खत्म होने को है और अभी इस संबंध में निर्देश ही 22 अप्रैल को जारी किया गया है। जिले में कुल 1283 स्कूलों में यह दूध दिया जाना है। इसके तहत बोचहां में 196, मीनापुर में 215, कांटी में 156, पारू में 257, मोतीपुर में 235, मुशहरी में 224 स्कूलों में सुधा दूध पाउडर दिया जाना है।

 

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