अधूरी है बेगूसराय फायरिंग में पुलिस की कहानी, जवाब मांग रहे कई सवाल

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बेगूसराय जिले के चार थाना क्षेत्रों के एरिया में एनएच पर 13 सितंबर को दो बाइक पर सवार चार अपराधियों द्वारा 30 किलोमीटर तक फायरिंग के केस का पुलिस ने भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस ने गोली चलाने वाले दो और साजिश में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार करने का दावा करते हुए शुक्रवार को मीडिया से कहा कि दहशत फैलाने के लिए गोलीबारी की गई थी। इस गोलीबारी में एक मौत हो गई थी जबकि 10 लोग घायल हैं जिनका इलाज चल रहा है।

बेगूसराय एसपी योगेंद्र कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक लिखित बयान को पढ़ दिया और ज्यादातर सवालों के जवाब में ये कहा कि अभी जांच चल रही है। लेकिन पुलिस ने जितनी भी कहानी बताई वो अधूरी लग रही है। कई सवाल ऐसे हैं जो जवाब मांग रहे हैं। पुलिस ने अभी बस ये बताया है कि युवराज और सुमित नाम के दो लड़कों ने गोली चलाई जिन्हें सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। गोली चलाने वाले दूसरी बाइक पर सवार दो लोग अभी पकड़ से बाहर हैं। गिरफ्तार लोगों में बाकी दो केशव नागा और चुनचुन को साजिश के लिए अरेस्ट किया गया है जो मोबाइल पर घटना से पहले और वारदात के दौरान गोली चला रहे लोगों के संपर्क में थे।

पुलिस अपनी कहानी में ये नहीं बता पाई कि 11 लोगों में किस स्पॉट पर किसने किसे गोली मारी। याद दिला दें कि तकरीबन 30 किलोमीटर की लं

बाई में नेशनल हाईवे पर बछवाड़ा, तेघड़ा, फुलबड़िया और चकिया थाना क्षेत्र में गोलीबारी की गई जिसमें अलग-अलग जगहों पर कुल 11 लोगों को गोली लगी जिसमें एक की मौत हो गई। पुलिस ने युवराज और सुमित को गोली चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है लेकिन एसपी ये बात मीडिया को नहीं बता पाए कि इन दोनों में किसने गोली चलाई। सीसीटीवी के मुताबिक युवराज बाइक चला रहा था और सुमित पीछे बैठा था। और अगर पीछे बैठे सुमित ने चलाई तो उसकी गोली से कहां-कहां कितने लोग घायल हुए। ये ऐसा सवाल है जिसका जवाब पुलिस को एक-एक गोली करके देना होगा कि किस आदमी को किसकी चलाई गोली किस स्पॉट पर लगी।

गोलीबारी में घायल चंदन कुमार की मौत हो गई थी। सवाल ये है कि वो किसकी गोली से मरा। युवराज और सुमित की जोड़ी की गोलीबारी में या फिर दूसरी टीम की फायरिंग में जो दूसरे बाइक पर दो लोग थे। पुलिस इस सवाल का जवाब नहीं दे पाई है।

गोलीबारी के घटनास्थलों की फॉरेंसिक जांच में बछवाड़ा थाना इलाके में पुलिस को 9 एमएम के खोखे मिले थे। पुलिस ने जो बरामद पिस्टल दिखाई है वो देसी है। तो क्या ये देसी पिस्टल 9 एमएम की गोली फायर कर सकती है या फिर जो दूसरी टीम अभी पकड़ी नहीं गई है उसने ये गोली चलाई।

एसपी योगेंद्र कुमार ने कहा कि पुलिस ने 22 लोकेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जिसके आधार पर गोली चलाने वाले युवराज और सुमित और इन दोनों के बयान पर साजिश के आरोप में केशव और चुनचुन गिरफ्तार हुआ है। सवाल ये है कि सीसीटीवी फुटेज के ये 22 लोकेशन क्या बछवाड़ा से चकिया तक के हैं या किसी एक या दो थाना क्षेत्र के। दूसरा सवाल ये कि गोली चलाने वाली युवराज और सुमित की जोड़ी और दूसरी बाइक वाली जोड़ी जो फरार है, वो क्या बछवाड़ा से चकिया तक हर सीसीटीवी में साथ दिखी है या ऐसे फुटेज सीमित हैं।

अभी गोली चलाने वाले चार शूटरों में दो ही पकड़े गए हैं। बाकी दो शूटरों की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस फिर से कहानी सुनाने बैठेगी तो सबकी निगाह इस बात पर रहेगी कि वो इन सवालों का जवाब देगी या उन्हें अनसुलझे छोड़ देगी।

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