अब गांव में भी मकान बनाने से पहले नक्शा पास कराना होगा, कानून बदलने की तैयारी

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अगर आप गांव में रहते हैं और घर बनाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर जरूर पढ़ें। शहरों की तरह अब ग्रामीण इलाकों में भी मकान बनाने से पहले नक्शा पास कराना होगा। इसके लिए बिहार की नीतीश सरकार कानून बदलने पर विचार कर रही है। इसके तहत एक खास सीमा से अधिक ऊंचे भवनों के लिए नक्शा पास कराना अनिवार्य किया जाएगा। हालांकि तय सीमा से कम ऊंचे भवनों के लिए यह जरूरी नहीं होगा। इसके लिए पंचायती राज कानून, 2006 में संशोधन किया जाएगा।

अभी राज्य के ग्रामीण इलाकों में मकान बनाने पर नक्शा पास कराने का कोई प्रावधान नहीं है। मगर गांवों में भी अब ऊंचे-ऊंचे मकान बनने लगे हैं, इसलिए यह प्रावधान किया जा रहा है। पंचायती राज विभाग ने कानून में संशोधन की तैयारी कर दी है।

विभाग के पदाधिकारी का कहना है कि मकानों का नक्शा पास करने का अधिकार पंचायती राज कानून में नहीं है। इसलिए कानून में संशोधन किया जाएगा। ताकि, यह अधिकार पंचायती राज के पास प्राप्त हो। इसके लिए विधानमंडल के आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान संशोधन विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है। कानून में संशोधन हो जाने के बाद नक्शा पास करने को लेकर नियमावली भी बनेगी। नियमावली में सारी शर्तें और अधिकार का विस्तार से उल्लेख होगा

ग्रामीण क्षेत्र में नक्शा पास कराने के लिए शहरी क्षेत्र की तरह ही सामान्य शुल्क भी लगेगा। हालांकि शुल्क कितना होगा यह अभी तय नहीं हुआ है। लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार शुल्क बहुत सामान्य होगा।

शहरों के आसपास बन रहीं ऊंची इमारतें

शहरों के आस-पास ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऊंची-ऊंची इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। रियल स्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने भी इस तरह के मामले को पूर्व में पंचायती राज विभाग को अवगत कराया था। रेरा ने विभाग को कहा था कि शहरों की तरह ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे निर्माण को लेकर कोई कानून और नियमावली जरूर बननी चाहिए। रेरा के पास ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे निर्माण के मामले पहुंचे थे। मालूम हो कि शहरी क्षेत्रों के मामले को देखने का अधिकार रेरा को है।

यूपी में है यह व्यवस्था 

बिहार के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में भी मकान बनवाने पर नक्शा पास करवाने का प्रावधान है। वहां 3230 वर्ग फीट से अधिक क्षेत्रफल पर निर्माण के लिए नक्शा पास कराना जरूरी है। साथ ही आवासीय भवन के लिए कुल कवर एरिया पर 50 रुपये प्रति मीटर की दर से शुल्क लगता है।

नक्शा पास करने के लिए जिलास्तर पर कमेटी का गठन होगा। इस कमेट में जिला के वरीय अधिकारी के साथ-साथ तकनीकी विशेषज्ञ भी होंगे। साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी इस कमेटी में रखा जाएगा। इस कमेटी को यह अधिकारी दिया जाएगा कि वह जांच-पड़ताल करने के बाद मकान का नक्शा पास करे। हालांकि, समिति का अध्यक्ष कौन होंगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस पर मंथन किया जा रहा है। ऊंचे भवन बनाने के दौरान नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसे देखना भी कमेटी की जिम्मेदारी होगी।

 

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