अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं होगी गड़बड़ी, जिला स्तरीय टीम करेगी निगरानी, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

जानकारी

बिहार में आंगनबाड़ी केंद्रों की जिला स्तरीय विशेष टीम निगरानी करेगी। कोरोना की तीसरी लहर के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों को सुचारू रूप से संचालित करने और पोषक क्षेत्रों आंगनबाड़ी में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए जिला स्तरीय टीम सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का भौतिक निरीक्षण भी करेगी।

बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को जिलास्तर पर टीम गठित कर आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी करने का निर्देश दिया है। समेकित बाल विकास योजना निदेशालय के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कोरोना की तीसरी लहर के दौरान निर्बाध रूप से किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं को सामान्य स्कूलों व संस्थानों की तर्ज पर कोरोना को लेकर लंबित करने को लेकर उत्पन्न भ्रम की स्थिति अब समाप्त हो चुकी है।

 

राज्य में 1.12 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों का हो रहा संचालन

जानकारी के अनुसार राज्य में 1.14 लाख आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें वर्तमान में 1.12 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन सभी केंद्रों पर 0 से 6 वर्ष के बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा व स्वास्थ्य की जांच, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच और बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए पूरक पोषाहार (टेक होम राशन) का वितरण इत्यादि के कार्य किए जा रहे हैं।

पूरक पोषाहार से बच्चों को मिलेगी कोरोना से लड़ने की शक्ति

समेकित बाल विकास योजना (आईसीडीएस) निदेशालय के सूत्रों ने बताया कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में छोटे बच्चों को पूरक पोषाहार देने से उन्हें कोरोना महामारी से निबटने की शक्ति मिलेगी। छोटे-छोटे बच्चों की लंबाई व वजन की जांच एवं उनके स्वास्थ्य की जांच की सुविधाएं लगातार मिलने से बच्चों के एक बड़े वर्ग को लाभ होगा। निदेशालय के मुख्यालय स्तर पर भी अलग से सभी जिलों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

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