आठ दिन का होगा शारदीय नवरात्र, इस दिन होगा पारण, जानें माता का आगमन क्या संदेश लेकर आ रहा है

आस्था

इस बार शारदीय नवरात्र आठ दिन के ही होंगे। 7 अक्टूबर को कलश स्थापन होगा। चतुर्थ व पंचमी पूजा एक साथ होगी। पंडित जयकुमार मिश्र ने बताया कि 6 अक्टूबर को पितृ पक्ष का समापन होगा और 7 अक्टूबर से नवरात्र प्रारंभ होगा। पितृपक्ष के दौरान 1 दिन की वृद्धि 26 सितंबर को हुई थी। जिस दिन कोई श्राद्ध तिथि नहीं थी। इन्होंने बताया कि 8 दिनों तक श्रद्धालु माता रानी की अराधना करेंगे। नवरात्र में कहा जाता है कि सभी प्रकार की खरीदारी सहित शुभ कार्यों के लिए विशेष महत्व होता है। पंडित श्री मिश्र ने बताया कि शारदीय नवरात्र की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग में होगी।

नवरात्रि में भवन, भूमि, वाहन, आभूषण, वस्त्र और रत्न सभी प्रकार की खरीदारी को शुभ माना जाता है। इस बार चतुर्थी व पंचमी तिथि एक साथ होने से कुष्मांडा माता व स्कंदमाता की अराधना एक साथ होगी। माता रानी डोली में सवार होकर आएगी। इस लिहाज से महिलाओं का वर्चस्व बढ़ेगा और मान सम्मान में वृद्धि होगी। लेकिन महामारी से लोग परेशान रहेंगे। शास्त्रों में ऐसा वर्णन है कि जब मां दुर्गा डोली पर सवार होकर आती है तो राजनीतिक उथल पुथल की स्थिति होती है। यह प्रभाव सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।

माता का डोली पर आना ज्यादा शुभ संकेत नहीं माना जाता। लेकिन माता का प्रस्थान हाथी पर होगा जिसे शुभ माना गया है। 15 अक्टूबर को नवरात्रि का पारण किया जाएगा और दशहरा पर्व भी मनाया जाएगा।

 

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