आपको कंपकंपाती ठंड से नहीं मिलेगी राहत, फरवरी अंत तक जारी रहेगा सर्दी का टॉर्चर, अगले हफ्ते से बारिश के आसार

जानकारी

राजधानी पटना समेत पूरे सूबे में इस बार ठंड अधिक समय तक रहेगी। दरअसल पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और अधिकता राज्य के मौसम को प्रभावित रही है। जलवायु और मौसम के जानकार इसके पीछे जलवायु परिवर्तन को भी एक बड़ी वजह मान रहे हैं। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विवेक सिन्हा बताते हैं कि इस परिवर्तन ने न केवल मानसून सीजन को बल्कि शीतकालीन सत्र को भी पूरी तरह प्रभावित किया है।

इन दिनों बादलों की उग्रता यानी भारी बारिश और गरज की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। अभी फरवरी महीने के पांच दिन बीत चुके हैं लेकिन हवा की कनकनी और कोहरे का असर सूबे में अब तक पूरी तरह बना हुआ है। राज्य के अधिकतर शहरों का न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे है। सुबह-शाम के अलावा दिन में भी कनकनी की स्थिति रह रही है।

 

अमूमन जनवरी महीने के पहले या दूसरे हफ्ते में सूबे में इस तरह का मौसम और तापमान में कमी देखी जाती थी। अब तक पश्चिमी विक्षोभों की अधिकता से बिहार में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है। चंपारण से लेकर मध्य बिहार तक हुई झमाझम बारिश के बाद मौसमविद बादलों की इस प्रवृत्ति के अध्ययन में जुटे हैं। मौसमविदों का कहना है कि ला नीना के प्रभावों की वजह से पूरे देश के मौसम पर इस बार असर पड़ा है। 

 

मानसून सीजन देर तक खिंच गया और सूबे में भी ठंड देर से आई। इस बार दिसंबर के महीने में ठंड न के बराबर रही। मौसमविदों का पूर्वानुमान है कि अगले एक हफ्ते बाद मौसम फिर से करवट बदलेगा। फिर से सूबे में बारिश की परिस्थितियां बन सकती हैं। इस आकलन के मुताबिक ठंड अभी जमेगी और फरवरी अंत तक इसका प्रभाव रहने के आसार हैं। 

 

बारंबारता भी बढ़ी 

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विवेक सिन्हा बताते हैं कि जाड़े में पश्चिमी विक्षोभों का आना एक स्वाभाविक क्रिया है। इस बार केवल विक्षोभों की संख्या में अधिकता रही है बल्कि इनकी मजबूती भी बढ़ी है। अमूमन हर महीने कम से कम दो और अधिक से अधिक छह विक्षोभ आते रहते हैं। इनमें लगभग दो विक्षोभों का ज्यादा प्रभाव सूबे के मौसम पर पड़ता है और बाकी दो से चार विक्षोभ बेअसर रहते हैं।

इस बार स्थितियां दूसरी रहीं और लगभग सभी विक्षोभों का असर सूबे के मौसम पर पड़ा है। यही वजह रही कि जब-जब तापमान ऊपर चढ़ने को आया बैक टू बैक आए विक्षोभों ने बारिश कराई और फिर से तामपान नीचे गिरा। विक्षोभों की मजबूती की वजह से इनकी अधिकता या बारंबारता सूबे में ज्यादा महसूस हुई। अगले कुछ हफ्ते अभी ठंड की स्थिति बनी रहेगी।

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