आखिर कहां से लीक हुआ था बीपीएससी का पेपर, 26 दिन और 11 गिरफ्तारियों के बाद भी एसआईटी को नहीं मिला जवाब

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बीपीएससी पेपर लीक मामले में 11 गिरफ्तारियों के बाद भी पेपर कहां से और किसने लीक किया, यह अबूझ पहेली एसआईटी के समक्ष मौजूद है। विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) पेपर लीक में शामिल गिरोह को चिह्नित करने और कई सदस्यों को दबोचने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है। माना जा रहा है कि पेपर लीक के सारे राज गिरोह के कथित सरगना आनंद गौरव उर्फ पिंटू यादव जानता है पर कई दिनों की कोशिश के बावजूद वह अबतक एसआईटी के हाथ नहीं लगा है।

आदंन गौरव की गिरफ्तारी पर टिकी निगाह

पेपर लीक की जांच के लिए बनी एसआईटी दिन-रात मेहनत कर रही है। वायरल प्रश्न-पत्र के आधार पर उसने इस रैकेट में जुड़े कई महत्वपूर्ण लोगों को गिरफ्तार भी किया है। बावजूद पेपर लीक को लेकर कई सवालों के जवाब नहीं मिल पाए हैं। बीपीएससी पीटी से कितने देर पहले व कहां से पेपर लीक हुआ, गिरोह को यह कहां से मिला और प्रश्न-पत्र मुहैया करानेवाला शख्स कौन है? इससे वायरल करने के पीछे क्या मकसद है? ऐसे कई सवाल हैं, जिनका जवाब 26 दिन बाद भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है। एसआईटी से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि पेपर लीक की पूरी कहानी आनंद गौरव उर्फ पिंटू यादव की गिरफ्तारी के बाद सामने आ सकती है। अबतक जितनी भी गिरफ्तारियां हुई हैं, उनमें सभी के तार पिंटू से जुड़े हैं।

बेहद शातिर है पिंटू यादव

एनआईटी, पटना का पूर्व छात्र रहा गौरव उर्फ पिंटू बेहद शातिर है। इंजीनियरिंग का छात्र होने के चलते वह मोबाइल आदि तकनीकी चीजों का अच्छा जानकार भी है। पेपर लीक में जब से उसकी भूमिका का पता चला है, तभी से वह अंडरग्राउंड हो गया है। न तो मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है न ही उसका कोई लोकेशन ट्रेस हो पा रहा। यही वजह है कि उस तक पहुंचने में एसआईटी को दिन-रात मेहनत करने के बावजूद वक्त लग रहा है। वैसे जानकारों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी पेपर लीक कांड की जांच में अहम साबित होगी। उसके पकड़े जाने और पूछताछ के बाद पूरे प्रकरण में कई चौंकानेवाले खुलासे हो सकते हैं। साथ ही, कई और लोगों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

 

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