आदमखोर बाघ का 8वां शिकार, युवक की मौत के बाद गुस्साए लोग; गाड़ियों में तोड़फोड़

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बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के रामनगर में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के आदमखोर बाघ ने एक और शख्स को शिकार बना दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और वन विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने वनकर्मियों पर हमला करते हुए उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। आदमखोर बाघ के हमले में बीते ढाई महीने में 5 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, अब तक कुल 8 लोगों की जान जा चुकी है। एक दिन पहले ही टाइगर ने 12 साल की बच्ची को शिकार बनाया था।

जानकारी के मुताबिक रघिया वन क्षेत्र के गोवर्धना थाना क्षेत्र के डुमरी में रामचन्द्र महतो के पुत्र संजय कुमार को बाघ ने शिकार बना लिया। घटना शुक्रवार की सुबह की है। ग्रामीणों ने बताया कि संजय शौच के लिए खेत की ओर गया था। इसी दौरान बाघ ने पीछे से हमला कर दिया। उसकी गर्दन, छाती व सिर समेत शरीर के अन्य हिस्से पर गहरे जख्म के निशान हैं। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के कार्यालय के बाहर हंगामा किया।

ग्रामीणों का आरोप है कि 12 जुलाई से अब तक बाघ पांच लोगों को मार चुका है। दो लोग उसके हमले से बच चुके हैं। इसके बावजूद वन विभाग उसे पकड़कर जंगल से नहीं हटा रहा है। अब बाघ घर में घुसकर हमले कर रहा है। बता दें कि बुधवार की रात 12 बजे के आसपास रामनगर के ही सिंगाही गांव में घर के अंदर सो रही किशोरी बगड़ी कुमारी को बाघ उठा ले गया। पिता समेत परिजन किशोरी को बचा नहीं पाए। अब इस घटना के अगले ही दिन एक और व्यक्ति को बाघ के मारने से लोगों का आक्रोश भड़क उठा है।

इससे पूर्व 12 सितंबर को हरनाटांड़ वन क्षेत्र के बैरिया काला में गुलबंदी देवी, 21 सितंबर को बरवा काला में रामप्रसाद उड़ांव, 24 सितंबर को देवरिया तरुअनवा में तेगड़ महतो व पांच अक्टूबर को बगड़ी कुमारी को टाइगर ने मार डाला। डुमरी के पास के गांव सिसवा डीह में बाघ के एक और व्यक्ति को मारने की सूचना मिल रही है। हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। कुछ ग्रामीण इसे अफवाह बता रहे हैं। शुक्रवार सुबह में 10 बजे के आसपास सिसवा डीह में लोग अचानक दौड़ने लगे। उनका कहना था कि बाघ ने एक और व्यक्ति को मार डाला है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यह अफवाह है।

चालाकी से चकमा दे रहा बाघ, रेस्क्यू टीमों के हाथ खाली

वीटीआर से सटे रिहायशी इलाकों में बीते कई दिनों से खौफ का माहौल है। आदमखोर बाघ का रेस्क्यू बीते 26 दिनों से चल रहा है। रेस्क्यू टीम में पहले 75 लोगों को लगाया गया था। लेकिन जैसे-जैसे बाघ चकमा देने लगा, टीम में लोगों की संख्या बढ़ती गई। इस समय 400 लोगों को बाघ को पकड़ने के काम में लगाया गया है। इनमें लगभग 250 वन कर्मी और स्थानीय शामिल हैं। इसके अलावा देश के कई हिस्से से एक्सपर्ट और शूटर बुलाये गए हैं लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। टाइगर लगातार रेस्क्यू टीम को चकमा दे रहा है।

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