आदमखोर बाघ का सातवां शिकार बनी 12 साल की बच्ची, आंखों के सामने उठा ले गया; खेत में छोड़ी लाश

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वीटीआर के वन प्रमंडल के रघिया वनक्षेत्र के डुमरी उपखंड के सिगांही गांव के घर मे घुस कर बुधवार की करीब एक बजे रात मे बाघ ने एक बारह वर्षीय बच्ची बगड़ी कुमारी को मार डाला। बाघ बच्ची को उठाकर सरेह मे लेकर चला गया था। जिसके बाद ग्रामीणों को खोजबीन में बच्ची का शव गन्ने के खेत मे मिला। डुमरी, चिउटाहा, रघिया वनक्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्रों मे बाघ की रेस्क्यू के लिए लगी रेस्क्यू टीम सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर घटना की जांच कर रही है।

मामले के बारे में वीटीआर के वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक डाक्टर नेशामणी ने बताया कि रघिया वनक्षेत्र के डुमरी उपखंड के सिगांही गांव मे बाघ के हमले में 12 वर्षीय बच्ची की मौत हुई है। जिसकी जांच पड़ताल की जा रही है और बाघ की निगरानी के लिए टीम को तैनात कर दिया गया है। निदेशक ने बताया कि हरनाटाड़ के बरवा कला मे दो लोगों पर हमला करने वाले बाघ ही बच्ची को उठाकर ले गया है या कोई दूसरा बाघ है इसका स्पष्ट खुलासा बाघ के पैरों के निशान मिलने की बाद ही हो पाएगा।

वीटीआर से रिहायशी इलाके में घुसने वाले बाघ का रेस्क्यू बीते 25 दिनों से चल रहा है। रेस्क्यू टीम में पहले 75 लोगों को लगाया गया था। लेकिन जैसे-जैसे बाघ चकमा देने लगा, टीम में लोगों की संख्या बढ़ती गई। इस समय 400 लोगों को बाघ को पकड़ने के काम में लगाया गया है। इनमें लगभग 250 वन कर्मी स्थानीय हैं। इसके अलावा देश के कई हिस्से से एक्सपर्ट और शूटर बुलाये गए हैं लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। पिछले 9 महीनों में बाघ के हमले से 7 लोगों मौत हो चुकी है।

बच्ची पर बाघ के हमले की पुष्टि हुई है लेकिन यह वही बाघ है जिसकी तलाश में रेस्क्यू टीम जुटी हुई है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। वीटीआर अधिकारियों ने बताया  कि बाघ के पंजों के निशान मिलाने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

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