केरल की चेरुवल्ली मुस्लिम जमात मस्जिद आपसी सौहार्द की मिसाल कायम किया। मस्जिद परिसर में आज 22 वर्षीय अंजू की पारंपरिक हिंदू रीति रिवाजों से शादी की शहनाई गूंजी। बताया गया कि मस्जिद में हुई इस शादी में मंत्र पढ़े गए और जोड़े ने आग के समक्ष सात फेरे लिए। दुलहन अंजू और दूल्हे शरत ने एक-दूसरे को माला पहनाई। मस्जिद परिसर में मौजूद पंडित ने विधि-विधान से दोनों की शादी करवाई। इसके बाद शादी में आए लोगों के लिए शाकाहारी भोजन का भी इंतजाम किया गया था।

दरअसल अंजू का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। उसके पिता अशोकन का स्वर्गवास हो चुका है। अंजू की मां बिंदु ने मस्जिद समिति से शादी के लिए मदद की अपील की थी। चेरुवल्ली जमात समिति के सचिव नुजुमुद्दीन अलुम्मूट्टील ने कहा कि शादी के लिए मस्जिद समिति ने यादगार के तौर पर दस सोने की उपहार और दो लाख रुपये देने भी दिया गया। शादी हिंदू परंपरा से हुई और इस शादी में करीब एक हजार लोगों के खाने का इंतजाम किया था।

नुजुमुद्दीन ने बताया कि पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के हालात साल 2018 में अशोकन की मौत के बाद और खराब हो गए। परिवार के सबसे छोटे बच्चे की पढ़ाई के लिए मैंने निजी तौर पर मदद की है। इस बार मस्जिद समिति से मदद की अपील की गई थी और शादी का खर्च भी बहुत ज्यादा है, इसलिए समिति ने मदद करने का फैसला किया था। 

सीएम बोले- केरल एक है और हमेशा रहेगा 
इस बारे में केरल के सीएम पिनरई विजयन ने भी अपने फेसबुक पर पोस्ट की। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को बधाई देने के साथ-साथ लोगों को भी बधाई दी। उन्होंने आगे लिखा, ‘केरल ने हमेशा से ही सांप्रदायिक सौहार्द्र के शानदार उदाहरण पेश किए हैं। यह शादी उस वक्त हुई है, जब धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है। केरल एक है और हमेशा एक रहेगा।’ 

Sources:-Dainik Jagran

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