गरीबी के कारण बच्चे किताबें और स्टेशनरी नहीं खरीद पाते हैं। ऐसे बच्चों को चंडीगढ़ के शिक्षक संदीप कुमार मुफ्त में किताबें उपलब्ध कराते हैं। इसके लिए वे बीते दो साल से शहर के घर-घर जाते हैं। पुरानी किताबें अपने साथ लेकर लाते हैं। संदीप और उनकी टीम अब तक 10 हजार से अधिक किताबें जोड़ चुकी है। इन किताबों से 200 से अधिक जरूरतमंद छात्र अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।

ट्रेनिंग में महसूस हुआ, गरीब बच्चों के लिए कुछ करना है
जेबीटी शिक्षक संदीप कुमार ने बताया बच्चों की मदद की यह पहल, तब शुरू हुई, जब वह जेबीटी ट्रेनिंग में थे। उन्होंने पाया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के पास किताबें और दूसरे सामान खरीदने के लिए रुपए नहीं होते हैं। इस स्थिति ने उन्हें काफी झकजोर दिया। जब वह वापस चंड़ीगढ़ आए तो उन्होंने ऐसे बच्चों के लिए किताबें उपलब्ध कराने की शुरुआत की।  

स्कूल-कॉलेज में कैंप लगाकर छात्रों से मांगते किताबें
संदीप और उनकी टीम कॉलेज और स्कूलों में कैंप लगाती है। वहां छात्रों से अपील करती है कि जो किताबें उनके पास अनुपयोगी हैं, उन्हें जरूरतमंदों के लिए दान दे दें। संदीप कुमार इस पहल को सोशल मीडिया के द्वारा लोगों तक पहुंचा रहे हैं। वह चाहता हैं कि लोगों गरीब बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने आगे आएं।

Sources:-Dainik Bhasakar

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here