मोदी सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया है। घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी सुरक्षा बलों के हाथों में हैं। जिसे वह बेहद मुश्किल हालातों में भी बखूबी निभा रहे हैं। इनमें सेना, अर्द्धसैनिक बल और जम्मू कश्मीर पुलिस शामिल है।

इसमें बड़ी भूमिका आईपीएस महिला अधिकारी पीके नित्या की भी है, जो घाटी में शान्ति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वर्ष 2016 बैच की आईपीएस अधिकारी घाटी के मुख्य इलाके में सुरक्षा व्यवस्था संभालने का काम कर रही हैं।

मूलरूप से छत्तीसगढ़ की रहने वालीं पीके नित्या कश्मीर में 40 किलोमीटर का क्षेत्र देख रही हैं। उन्हें राममुंशी वाघ नाम की जगह से लेकर हरवन डागची गांव तक पर नजर रखनी हैं। आपको बता दें इस क्षेत्र में डल झील से लेकर गर्वनर आवास तक की महत्वपूर्ण जगहें आती हैं। इस समय वह कश्मीर में सब डिवीजनल पुलिस ऑफिसर (एसडीपीओ) के पद पर तैनात हैं। वह अकेली आईपीएस हैं जो घाटी में तैनात हैं। उनके परिवार में माता-पिता, भाई और बहन हैं।

पीके नित्या इससे पहले एक सीमेंट कंपनी में काम करती थीं। लेकिन पढ़ाई के प्रति अपने जोश के कारण उन्होंने आगे बढ़ने की सोची और वर्ष 2016 में यूपीएससी की परीक्षा दी, जिसमें उनका चयन आईपीएस अधिकारी के रूप में हो गया था। नित्या ने बताया कि आईपीएस अधिकारी के रूप में तैनात होने से पहले वह दो बार कश्मीर आ चुकी हैं। उनका काम इतना जिम्मेदारी वाला है कि कभी कभी खाने का भी टाइम नहीं मिलता है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता को उनके ऊपर गर्व है, इस बात से उन्हें काफी सुकून मिलता है।

Sources:-Live News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here