एक बिहारी आईपीएस जिसने तमिलनाडु में मचा रखी है धूम

कही-सुनी

फ़िल्मी से कम नहीं है जहां फिल्म का हीरो बचपन से ही संघर्ष करना पड़ता है लेकिन अक्भी भी परस्थितियों से हार नहीं मानता है भले ही कोई भी कठिनाई उसके सामने खड़ा होकर आ जाये उससे टकरा जाने का जज्बा ही उसको आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करता है.

 

कुछ ऐसा ही कहानी है बिहार के बेगूसराय जिले के खोरामपुर के एक किसान के घर 19 मार्च 1981 में जन्मे एक लड़के को माता चंद्रकला देवी से प्यार और पिता त्रिवेणी महतो से मिले दुलार ने इनके सपनों में पंख लगा दिए. इस बात का अहसास ही नहीं रहा की वो किसी गरीब किसान के घर में पैदा हुआ है.

साल 2012 में भारतीय पुलिस सेवा में चयनित सुजीत कुमार जिसकी संघर्ष गाथा उनके जुनून, जज्ज्बे और हौसले को दर्शाता है. बिहार बोर्ड से 1996 में 10वीं 70 प्रतिशत जेपीएनएस हाईस्कूल नरहन समस्तीपुर से करने के बाद आगे की पढ़ाई करने के लिए देश की राजधानी दिल्ली गए. जहां कभी पीछे मुड़कर देखा ही नहीं आगे बढ़ते गए सफलता पीछे-पीछे आती गई. साल 2012 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित सुजीत कुमार ने विशेष बातचीत में बताया की दिल्ली विश्वविद्यालय में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर रहते हुए पहली ही बार में यूपीएससी में सफलता हासिल हुआ.

बतौर आईपीएस रहते हुए तमिलनाडु में में सुजीत कुमार अपने पहले वाले प्रोफेशन को नहीं भूल सके हैं यूँ कहे तो टीचिंग के प्रति लगाव इन्हें नजदीक के स्कूल में खीचकर ले जाता है और ड्यूटी के अलावे बच्चों को पढ़ाने का काम भी करते हैं. सुजीत कुमार के अनुसार तमिलनाडु में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए सरकार के तरफ से मुफ्त में कोचिंग संस्थान का व्यवस्था किया जाता है जहां वो लगातार हिस्ट्री का क्लास लिया करते हैं. साथ ही यहां पर युवाओं के बीच पोक्सों के बारे में और तमाम नियम कानून जो आम आदमी को जानना जरुरी है उसे बताकर जागरूक बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं.

आपने जिले में सभी मेडिकल कॉलेज और तकनिकी संस्थानों में जाकर वो लगातार ट्रैफिक जागरूकता और कैरियर गाइडेंस को लेकर युवाओं को बताता हूँ. बिहार से दूर तमिलनाडु जहां भले ही वहां की परस्थितियां बिहार से बिल्कुल अलग है लेकिन लोग और युवा इनसे काफी आकर्षित हैं. जिस तरह बिहार में युवक और युवतियों के बीच शिवदीप लांडे प्रसिद्ध हैं वैसे ही सुजीत कुमार सलेम के छोटे- छोटे बच्चों के बीच एक शिक्षक पुलिस अधिकारी के रूप में जानते हैं जो युवाओं को सही गलत की पहचान करवाते हैं.

शिक्षा: 10वीं 70 प्रतिशत जेपीएनएस हाईस्कूल नरहन समस्तीपुर, 12 वीं 1999 सीबीएसइ 62.3 प्रतिशत सर्वोदय बाल विद्यालय विकासपुरी दिल्ली ग्रेजुएशन 2002 दिल्ली कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स एंड कॉमर्स 55 प्रतिशत हिस्ट्री ऑनर्स पोस्ट ग्रेजुएशन 2004 हंसराज कॉलेज 56.3 प्रतिशत दिल्ली विश्वविद्यालय एमफिल- दिल्ली विश्वविद्यालय 2011. युसीजी नेट 2005 में सफल दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर वर्त्तमान में सलेम जिला तमिलनाडु में एएसपी के तौर पर तैनात हैं.

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