बिहार में हो रही 82 हजार रुपये किलो बिकने वाली सब्जी की खेती, विदेशों में भी डिमांड, जानिए इसके बारे में

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Patna: आज हम आपको ऐसी सब्जी (Vegetable) के बारे में बताने जा रहे है,जिसकी कीमत सुन कर आपको यकीन नहीं होगा. बिहार (Bihar) के औरंगाबाद (Aurangabad) जिले के एक किसान ने दुनिया की सबसे महंगी सब्जी (Most Expensive Vegetable in world) की खेती कर सबको अचंभित कर दिया है. इस सब्जी की कीमत इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमत एक हजार यूरो यानी लगभग 82 हजार रुपये किलो है.

इस सब्जी का नाम हॉप शूट्स (hop shoots) है. ये दुनिया की सबसे महंगी सब्जी कही जाती है. यह ऐसी सब्जी है जो आपको शायद ही किसी स्टोर पर या बाजार में दिखे. सबसे बड़ी बात तो यह है कि जिस सब्जी की खेती अभी भारत में प्रमाणिक तौर पर कहीं नहीं होती है उस सब्जी की खेती औरंगाबाद में की जा रही है. जिले के नवीनगर प्रखंड के करमडीह गांव के रहने वाले अमरेश कुमार सिंह ने हॉप शूट्स की खेती शुरू की है.

अमरेश ने बताया कि भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी के कृषि वैज्ञानिक डॉ लाल की देखरेख में उन्होंने पांच कट्ठा में इस सब्जी की ट्रायल खेती शुरू की है. पहली दफा उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों के देखरेख में यह प्रयोग किया है. उन्होंने बताया कि दो माह पहले इसका पौधा लगाया है, जो धीरे-धीरे बड़ा भी हो रहा है.

बीयर बनाने में होता है उपयोग

अमरेश ने बताया कि यह सब्जी बाजार में उपलब्ध नहीं होती है. इसका उपयोग एंटीबॉयोटिक दवाओं को बनाने में होता है. टीबी के इलाज में भी इससे बनी दवा कारगर होती है.इससे बीयर का निर्माण होता है.इसके फूलों को हॉप कोन्स कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल बीयर के लिए होता है. वहीं बाकी टहनियों का उपयोग खाने में किया जाता है. इसका आचार भी बनता है जो काफी महंगा बिकता है.

ब्रिटेन,जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों में होती है खेती

ब्रिटेन,जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों में इस सब्जी की खेती की जाती है. इन्हें जंगलों में उगाया जाता है और वह भी सिर्फ वसंत के महीने में इसे उगाने का काम होता है. भारत में सरकार इन दिनों इस सब्जी की पैदावार पर वैज्ञानिक अनुसंधान कर रही है.

बताया कि बनारस स्थित सब्जी अनुसंधान संस्थान में इसकी खेती पर अनुसंधान चल रहा है. वहां भी पौधे लगाये गये है और उसे अनुकूल वातावरण देकर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बेहद निवेदन कर अनुसंधान संस्थान से कुछ पौधे प्राप्त किये और पांच कट्ठा में इसे लगाया है.

Source: Prabhat Khabar

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