पांच साल की बच्ची पर गिरा स्कूल का लोहे का गेट, दबकर मौत, आक्रोशित लोगों ने रोड किया जाम

खबरें बिहार की जानकारी

नगर थानाक्षेत्र के हसनचक स्थित राज स्कूल में मंगलवार की शाम लोहे का गेट टूट कर गिर गया। इसकी चपेट में आने से एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, कई बच्चे बाल-बाल बचे।

स्कूल का गेट गिरने से तेज आवाज हुआ। बच्चों की चीखने की आवाज सुनकर मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ लग गई।काफी मशक्कत बाद लोहे के गेट को उठाया गया। इसके बाद बच्ची को बाहर निकाला गया लेकिन, तब तक बच्ची दम तोड़ चुकी थी। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस को भी आक्रोश का सामना करना पड़ा।

बच्ची की मौत से आक्रोशित लोगों ने देखते ही देखते सड़क को जाम कर दिया। उन्होंने सड़क पर आगजनी कर स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि स्कूल संचालन के समय अगर यह गेट टूट कर गिरता तो कई बच्चों की जान चली जाती। गनीमत रही कि घटना शाम में घटी। लोगों ने सभी दोषियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।

डर के मारे इधर-उधर भागने लगे बच्चे

बताया जाता है कि स्कूल के सामने स्थित मखनाही पोखर मोहल्ला निवासी सुनील राम की पांच साल की बेटी माही कुमारी स्कूल के गेट के पास खड़ी थी। पास में कुछ बच्चे खेल भी रहे थे। इसी बीच स्कूल का भारी भरकम लोहे का गेट टूट कर नीचे गिर गया। जब तक माही कुछ समझती, गेट उसपर आ गिरा। जिसके नीचे मासूम दब गई। गेट गिरने से अन्य बच्चे चिल्लाकर इधर-उधर भागने लगे।

बच्चों की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों की मदद से गेट को उठाया गया। इसके बाद खून से लथपथ बच्ची को लोग उठाकर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव लेकर पहुंचते ही लोग आक्रोशित हो गए। थानाध्यक्ष एचएन सिंह आक्रोशित लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन, कोई मानने को तैयार नहीं थे।

एक हूक पर लटका कर छोड़ा गया था गेट

लोगों का कहना था कि दो लाख 34 हजार रुपये में इस गेट का निर्माण चार साल पहले करवाया गया लेकिन, गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया। भारी-भरकम गेट को मामूली एक हूक में लटकाकर छोड़ दिया गया। चार महीने से यह गेट गिरने के कगार पर था। इसे लेकर कई बार स्कूल प्रशासन को अवगत कराया गया लेकिन, इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

मां-बाप का रोना लोगों की देख आंखें हुई नम

आक्रोशित लोगों का कहना है कि आज जो बच्ची मरी है, उसमें स्कूल प्रशासन की लापरवाही है। इस बीच परिजनों ने शव को अपने घर के अंदर रख दिया। जिसे कब्जे में लेने के लिए पुलिस परेशान बनी रही। देर रात तक सीओ की मौजूदगी में वार्ता चलती रही लेकिन, कोई मानने को तैयार नहीं थे। माही के पिता, मां पूजा देवी अपनी एक बेटी और बेटे को गोद में लेकर दहाड़ मारकर रो रही थी। उन्हें देखकर लोगों के आंखें नम हो गईं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.