40 से ऊपर जा रहा तापमान, धूप के सीधे संपर्क में आने से चमकी बुखार के साथ हीट स्ट्रोक की आशंका

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बिहार के नालंदा जिला में अधिकतम तापमान 41 तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी व धूप के कारण लोग अस्त—व्यस्त रहे। बेतहाशा गर्मी के कारण धूप के सीधे संपर्क में आने से हीट स्ट्रोक की आशंका बढ़ गयी है। बड़े व युवा भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। वहीं पतली चमड़ी व अधिक संवेदनशील होने के कारण नवजात पर गर्मी का अधिक प्रभाव पड़ रहा है।

इलाज कराने आने वालों में 20 से 25 फीसद रोगी इस तरह के पहुंच रहे हैं। रोजाना दोपहर में 40 से ऊपर तापमान जा रहा है। जो सेहत को खराब करने के लिए प्रर्याप्त है। इस कारण छोटे बच्चे चमकी बुखार की चपेट में भी आ सकते हैं। सतर्क व सावधान रहकर इससे बचें। हीट स्ट्रोक व चमकी बुखार एक गंभीर स्थिति है। इसमें लापरवाही से रोगी की हालत बहुत ही गंभीर हो सकती है।

ऐसे में रोगी को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं। हालांकि, धूप के सीधे संपर्क में आने से हमेशा बचें। आवश्यक होने पर ही धूप में निकलें। इस दौरान पूरी सावधानियां बरतें। जेनरल फीजिसियन डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि पर्याप्त पानी पीकर ही घर से निकलें। अगर चक्कर, सिरदर्द या अधिक थकावट जैसा महसूस हो, तो तुरंत छांव व हवादार जगह पर बैठ जाएं। साथ में रखे ओआरएस का घोल या चीनी नमक का घोल पीएं। ताकि, शरीर में पानी का स्तर बरकरार रहे।

कुपोषण के कारण हीट वेब का पड़ सकता है अधिक असर
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी ने बताया कि साधन संपन्न लोग तो अपने बच्चों को हर तरह से बचाते हैं। कुपोषण जैसी समस्याएं भी वहां नहीं होती है। जबकि, ग्रामीण परिवेश में खासकर गरीब परिवार के बच्चों को इससे बचाने की अधिक आवश्यकता है। कुपोषित बच्चे हीट वेब की चपेट में जल्द आ सकते हैं। बच्चों को पर्याप्त पानी व पौष्टिक आहार दें। भोजन में पेय पदार्थों की मात्रा बढ़ा दें।

बरतें ये सावधानी
बच्चों के साथ बाहर निकलना आवश्यक हो, तो सुबह या शाम में निकलें।
बाहर निकलने से पहले पर्याप्त पानी पीएं।
ओआरएस का पैकेट अवश्य रखें।
भूखे पेट कभी भी न रहें।
थायरॉयड से परेशान हों, तो पूरी सावधानी बरतें।
भोजन में पेय व तरल पदार्थों को शामिल करें।
बाहर से आने पर थोड़ा ठहरकर पानी पीएं।

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