4.30 करोड़ में 40 ई-टॉयलेट बनेंगे पटना में : प्री-फ्लश, प्लेटफ़ॉर्म वाशिंग, आफ्टर-यूज़ फ्लश ऑटोमेटेड

कही-सुनी

Patna: पूरे देश में ई-टॉयलेट काफी सफल हो रहे हैं। खासकर वैसे शहरों में जहां बहुत अधिक भीड़भाड़ है और टॉयलेट बनाने की पर्याप्त जगह नहीं है। देश के अधिकांश पुराने शहरों में यह व्यवस्था कायम की जा रही है। लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, रांची, रायपुर जैसे तमाम शहरों में ई-टॉयलेट काफी सक्सेसफुल हैं। अब इसी तर्ज पर पटना शहर में भी 40 ई-टॉयलेट बनाने की पहल हो रही है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इनका निर्माण किया जायेगा। स्थल चयन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। हर जगह दो टॉयलेट होंगे। एक लेडीज के लिये और दूसरा जेंट‍्स के लिये। इसके लिये पटना में एजेंसी चयन के लिये टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह प्रक्रिया 29 मई से 19 जून तक चलेगी। इसके बाद काम शुरू होगा जो चार माह में पूरा होगा। हालांकि पटना में इसके क्वालिटी को लेकर एक बड़ा सवाल है।

बता दें कि ई-टॉयलेट मानवरहित शौचालय हैं जो स्वदेशी तकनीक पर काम करते हैं और सीमेंट या धातु के आधार पर रखे जाते हैं। छत पर तीन फ्लश (प्री-फ्लश/प्लेटफ़ॉर्म वाशिंग/आफ्टर-यूज़ फ्लश) से जुड़ा निर्धारित क्षमता वाला पानी का टैंक होता है। बाहर एक डिस्प्ले लाइट दिखाता है कि यूनिट कब्जा कर लिया गया है (लाल) या खाली (हरा) है। ई-टॉयलेट में प्रवेश करने पर, इनडोर लाइट अपने आप चालू हो जाती है और प्री-फ्लश सिस्टम कोठरी को गीला कर देता है। यहां तक ​​कि अगर कोई उपयोगकर्ता ई-टॉयलेट का उपयोग करने के बाद फ्लश करना भूल जाता है, तो उपयोगकर्ता के बाहर निकलने के बाद सिस्टम स्वचालित रूप से फ्लश हो जाता है। एक स्वचालित फर्श-सफाई तंत्र भी प्रदान किया जाता है, जिसके माध्यम से फर्श साफ हो जाता है।

इस क्षेत्र में बेहतर काम करनेवाली एजेंसी एराम साइंटिफिक सॉल्यूशंस के डायरेक्टर बिंसी बेबी के मुताबिक ई-शौचालय विभिन्न प्रकार के आते हैं। 1 लाख रुपये के स्कूल मॉडल से लेकर 4 लाख रुपये के सार्वजनिक मॉडल तक। वर्तमान में अधिकांश राज्यों जैसे असम, आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कुल 2,000 ई-शौचालय स्थापित किये गये हैं।

वैसे पटना में 10 लाख रुपये के मॉडल पर काम हो रहा है। चयनित एजेंसी को 4.30 करोड़ की लागत से 4 महीने में इनका निर्माण करना होगा। प्रधान सचिव आनंद किशोर ने पटना स्मार्ट सिटी की योजनाओं की समीक्षा बैठक में पटना स्मार्ट सिटी के पदाधिकारियों को विकास की सभी योजनाओं में अविलंब तेजी लाने का निर्देश दिया है। पूर्व से स्वीकृत सभी योजनाओं का टेंडर माह के अंततक हर हाल में करने की ताकीद की है ताकि स्मार्ट सिटी के कार्य में पूरी तेजी आ सके।

चयनित एबीडी एरिया के सरकारी भवनों पर थ्री-डी वॉल पेंटिंग और स्कल्पचर्स के लिए टेंडर कर दिया गया है। 5.45 करोड़ की लागत से चयनित एजेंसी कई सरकारी भवनों पर (विद्युत भवन) के जैसा थ्री-डी वॉल पेंटिंग और स्कल्पचर्स बनाएंगी। पटना के मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स में पजल पार्किंग, रेलवे स्टेशन एरिया में पुराने दूध मार्केट के पास रोबोटिक टेक्नोलॉजी युक्त शटल डॉली सिस्टम, टमटम पड़ाव के पास पजल पार्किंग, बोरिंग कैनाल रोड पीली कोठी के निकट पजल पार्किंग, पंत भवन के पास पजल पार्किंग, विद्युत भवन के सामने पजल पार्किंग और विकास भवन के सामने रोबोटिक टेक्नोलॉजी युक्त शटल डॉली सिस्टम पार्किंग के लिए जमीन चिह्नित की गई है।

Source: Live Bihar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *