पटना के 35 हजार घरों को अगले साल तक मिल जाएगा PNG कनेक्‍शन

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Patna: पटना में घर-घर पाइप से रसोई गैस पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। आजकल रोज कम से कम 45 नए पीएनजी कनेक्‍शन लोगों को दिए जा रहे हैं। गेल इंडिया ने 2022 के अंत तक 35 हजार से ज्‍यादा घरों तक पीएनजी गैस कनेक्‍शन पहुंचाने का लक्ष्‍य तय किया है। देश के कई महानगरों की तरह पटना में भी अब सुविधाओं का विस्‍तार हो रहा है। इसी क्रम में पीएनजी गैस पाइप लाइन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

गेल इंडिया के अधिकारियों के मुताबिक गोला रोड,  जगदेव पथ, जलालपुर सिटी, बीआईटी मेसरा कॉलोनी, राजवंशी नगर, विजय नगर, वेद नगर, पटेल नगर, आईएएस कॉलोनी, आरा गार्डन, सगुना मोड़, आशियाना नगर और लोहिया नगर में कनेक्‍शन दिए जाने के बाद पीएनजी गैस की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही राजेन्‍द्रनगर, कंकड़बाग, अनीसाबाद और डॉक्टर्स कॉलोनी में पाइप लाइन कनेक्‍शन का काम तेजी से चल रहा है।

दो हजार फ्लैट के लिए सरकार ने जमा की सिक्‍योरिटी मनी

पटना के शास्त्री नगर में भवन निर्माण विभाग द्वारा बनाए जा रहे दो हजार फ्लैटों में पीएनजी कनेक्‍शन के लिए बिहार सरकार ने दो साल पहले प्रति फ्लैट दो हजार रुपए की सिक्‍योरिटी मनी जमा कराई थी। इन फ्लैटों तक पीएनजी कनेक्‍शन पहुंचाने का काम भी तेजी से चल रहा है।

cooking gas pipeline

गेल इंडिया ने किया आह्वान

उधर, गेल इंडिया ने लोगों से पीएनजी कनेक्‍शन की रफ्तार को तेजी देने की कोशिशों को सपोर्ट करने का आह्वान किया है। जीएम अजय कुमार सिन्‍हा बताते हैं कि अभी कई लोग पहचान पत्र देने को तैयार नहीं होते। इस वजह से कनेक्‍शन में देरी हो रही है। उन्‍होंने कहा कि इस बारे में लोगों को थोड़ा जागरूक करने की जरूरत है। हालांकि इधर कनेक्‍शन देने की गति में काफी तेजी आई है। पहले जहां रोज 15 कनेक्‍शन दिए जाते थे वहीं अब 45 होने लगे हैं। उन्‍होंने बताया कि जल्‍द ही पटना के व्‍यवसायिक संस्‍थानों में भी पीएनजी गैस पाइप लाइन से आपूर्ति शुरू होने की सम्‍भावना है।

इन क्षेत्रों में जल्‍द शुरू हो सकती है आपूर्ति 

फ्रेजर रोड, बकरगंज, बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, छज्जूबाग और सालिमपुर अहरा में जल्‍द ही पीएनजी गैस कनेक्शन से आपूर्ति शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा लोहानीपुर, खंजाची पोड और मखनिया कुआं  समेत ऐसे संकरे क्षेत्र जहां फायर ब्रिगेड की टीम का पहुंचना मुश्किल है वहां पीएनजी के विस्‍तार के विकल्‍पों पर विचार किया जा रहा है।

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