NRC के मुद्दे को लेकर असम से खदेड़ दिए गए 300 बिहारी परिवार, जो नही लौटे उन्हें अरेस्ट कर लिया गया

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पटना: बिहार के लोगों पर सिर्फ गुजरात और महाराष्ट्र में ही हमले नहीं हो रहे हैं, बल्कि उन्हें अन्य राज्यों से भी भगाया जा रहा है. मामला असम का है जहां वर्षों से काम कर रहे करीब 300 बिहारी परिवार को वहां से बैरंग खदेड़ दिया गया है. एनआरसी मुद्दे को लेकर बिहारियों को असम में रहने से वंचित कर दिया गया है. जो अपने घर वापस नहीं लौटे, उनमें से तीन लोगों को गिरफ्तार पर कर लिया है.

असम में बसे गोपालगंज के सैकड़ों लोगों ने अपने पुश्तैनी दस्तावेज को लेकर कई बाद असम सरकार के सामने अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने की कोशिश की लेकिन सम्बंधित दस्तावेज सौंपने के बाद भी उन्हें असम से बिहार वापस खदेड़ दिया गया है. सभी ग्रामीण गोपालगंज के बरौली, सिधवलिया, मांझा और बैकुंठपुर प्रखंड के रहने वाले हैं.

गोपालगंज के जगरनाथा के रहने वाले 55 वर्षीय केदार भगत ने बताया कि उनके दादा, परदादा 70 साल पहले मजदूरी के लिए असम के तिनसुकिया चले गए थे. वहीं पर थोड़े-थोड़े पैसे जोड़कर जंगलों में अपना आशियाना बना लिया. अब केदार भगत भी वहीं रहकर मजदूरी करते हैं और अपना परिवार चलाते हैं, लेकिन असम सरकार ने उनसे भारतीयता का प्रमाण पत्र मांगा है.

केदार भगत ने खुद को देश का नागरिक साबित करने के लिए अपने पुश्तैनी दस्तावेज वहां के प्रशासन को सौंपे लेकिन उसके बावजूद उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया है. अब ये जनप्रतिनिधियों से लेकर स्थानीय नेताओं से अपनी गुहार लगा रहे हैं. केदार की तरह रविन्द्र की भी कुछ ऐसी ही समस्या है. रविन्द्र के दादा भी वहां कई साल पहले मजदूरी करते थे. अपने दादा के साथ रविन्द्र रहकर वहां मजदूरी करने लगे.

रविन्द्र ने भी अपनी जमीन से लेकर देश की नागरिकता से सम्बंधित सभी कागजात वहां की सरकार को सौंप दिए, इसके बावजूद रविन्द्र को वहां से गोपालगंज वापस भेज दिया गया. रविन्द्र अपनी बातों को असम सरकार से लेकर बिहार सरकार तक पहुंचाने के लिए स्थानीय पूर्व विधायक व जदयू प्रदेश महासचिव मंजीत सिंह से गुहार लगा रहे हैं.

जदयू नेता मंजीत सिंह ने कहा कि ये सैकड़ों परिवार 20 वर्षों से ज्यादा समय से असम में रहते हैं. इनके पूर्वज भी वर्षों वे वहां रहते आ रहे हैं, अब इनसे असम सरकार द्वारा नागरिकता का प्रमाण मांगा जा रहा है. वो वोटर लिस्ट से लेकर सभी पुख्ता दस्तावेज सौंप चुके हैं फिर भी उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया है. जदयू प्रदेश महासचिव ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर नागरिकों को असम में रहने की अनुमति देने की मांग की है.

Source: News18

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