17 फ़ीसदी से बढ़कर 28 फीसदी हुआ केंद्रीय कर्मचारियों-पेंशनधारियों का महंगाई भत्ता, 1 जुलाई से लागू

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केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स का लंबे समय से महंगाई भत्ता बढ़ने का इंतजार खत्म हो गया है. बुधवार को सरकार ने DA/DR वृद्धि पर लगी रोक हटाने का फैसला किया। महंगाई भत्ते की बढ़ोत्तरी पर लगी रोक हटाने का फ़ैसला किया गया है. महंगाई भत्ते की दर अब 17 फ़ीसदी से बढ़कर 28 फ़ीसदी हो गई है. यह वृद्धि 1 जुलाई, 2021 से लागू हो गई है. कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी इस महीने मिल सकती है. इसका मतलब ये हुआ कि कर्मचारियों को 1 जनवरी 2020 से अबतक 17 फ़ीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था. फ़ैसले के मुताबिक़ नई दर इसी महीने से लागू हो जाएगी जिसका फ़ायदा जुलाई की तनख़्वाह में मिलेगी. मोदी सरकार के इस फ़ैसले का फ़ायदा केंद्र सरकार के क़रीब 48 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारियों को होगा.

सरकार की तरफ से इस बारे में अधिसूचना जारी की जाएगी. अगर अधिसूचना एक-दो दिन में जारी हो जाती है तो बढ़ी हुई सैलरी इसी महीने मिल जाएगी. अगर अधिसूचना जारी होने में देर होती है तो अगले महीने के पहले हफ्ते में कर्मचारियों को एरियर के रूप में बढ़ी सैलरी का पैसा मिलेगा. आम तौर पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी बनाने का काम हर महीने के 16 तारीख से शुरू हो जाता है.

पिछले दो बार के बकाया डीए के भुगतान के बारे में अभी केंद्र सरकार की तरफ से डिटेल जानकारी नहीं दी गई है. सरकार आगे इसके बारे में जानकारी देगी. डीए में बढ़ोतरी से 60 लाख पेंशनर्स और 52 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया. कोविड-19 महामारी के कारण सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के डीए और पेंशनर्स के महंगाई राहत (DR) पर रोक लगा दी थी.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस में यह जानकारी दी. केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 17% डीए मिलता है। लेकिन, पिछली तीन किस्त को जोड़कर अब यह 28 फीसदी हो जाएगा. जनवरी 2020 में डीए 4 फीसदी बढ़ा था, फिर जून 2020 में 3 फीसदी बढ़ा और जनवरी 2021 में यह 4 फीसदी बढ़ा है. पिछले साल कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद महंगाई भत्ते की बढ़ोत्तरी पर रोक लगा दी गई थी. ये रोक 30 जून 2021 तक लगाई गई थी. केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की हर छह महीने पर समीक्षा की जाती है. लेकिन सरकार के फ़ैसले के चलते 1 जनवरी 2020 , 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 से लागू होने वाली महंगाई भत्ते की तीन नई किस्तों पर रोक लगा दी गई थी. अब मोदी सरकार ने इस बढ़ोत्तरी पर लगी रोक हटा ली है. सरकार के इस फ़ैसले से सरकारी ख़ज़ाने पर 34400 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.

महंगाई भत्ता वेतन का एक हिस्सा है. यह कर्मचारी के मूल वेतन का एक निश्चित हिस्सा होता है. देश में महंगाई के असर को कम करने के लिए सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का भुगतान करती है. इसे समय-समय पर बढ़ाया जाता है. पेंशनर्स को महंगाई राहत (DR) भी इसका लाभ मिलता है. डीए की गणना के लिए सरकार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित महंगाई दर को आधार मानती है और इसके आधार पर हर दो साल में सरकारी कर्मचारियों का डीए संशोधित किया जाता है.

 

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