28 दिनों में उखड़ी 14 लाख की सड़क, ठेकेदार की दलील पर भड़के लोग बोले-फिर जाएंगे CM के जनता दरबार

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नाथनगर में जैन मंदिर के सामने 14 लाख रुपये से बनी सड़क भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रही है। 28 दिन पहले बनी इस सड़क का हाल खस्ताहाल है। 600 मीटर की इस सड़क पर गिट्टियां ही गिट्टियां नजर आ रही हैं। जब आमजन ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाया तो ठेकदार ने हैवी ट्रैफिक का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया।

ठेकेदार की दलील से लोगों में और आक्रोश बढ़ गया है। आमजन का कहना है कि इस मार्ग पर वाहनों का इतना दबाव नहीं रहता है कि एक माह के अंदर ही नवनिर्मित सड़क टूट जाए। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पिछले 10 साल से जैन मंदिर मार्ग के लोग जलनिकासी की समस्या झेल रहे हैं। मंदिर के सामने हमेशा नाले का पानी जमा रहता था। इससे विश्व प्रसिद्ध जैन मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी होती थी। आमजन का कहना है कि उन्होंने बार-बार निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक कर इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के जनता दरबार में उठाया। जिसके बाद नगर निगम के अधिकारी सक्रिय हुए लेकिन निर्माण के 28 दिन बाद ही सड़क की गुणवत्ता की पोल खुल गई।

नगर निगम ने बुधिया अस्पताल से जैन मंदिर के मुख्य द्वार तक करीब 600 मीटर और 16 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण कराया। इसपर निगम के करीब 14 लाख रुपये खर्च हुए। आठ इंच मोटी पीसीसी व इसके नीचे चार इंच की गिट्टी, बालू और सीमेंट मिश्रित डीएलसी भी डाली गई, लेकिन कुछ ही दिनों में नवनिर्मित पीसीसी की गिट्टियां पूरे मार्ग पर बिखर गईं। अब पासीटोला और कबीरपुर के स्थानीय लोगों में इसको लेकर आक्रोश बढ़ने लगा है।

फिरयादी ने कहा-फिर से जाएंगे जनता दरबार

मुख्यमंत्री की जनता दरबार में फरियाद लगाने वाले संतोष श्रीवास्तव कहते हैं कि नगर निगम ने जल्दबाजी में सड़क निर्माण की खानापूर्ति की है। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जैन मंदिर के बदहाली को लेकर फरियाद लगाई थी। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई के भय से आनन-फानन निर्माण कार्य शुरू तो किया, पर घटिया निर्माण हुआ। सड़क निर्माण के कुछ दिनों के बाद गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। इसकी उच्चस्तरीय जांच की जरूरत है। ऐसे नहीं होगा तो फिर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में फरियाद लेकर जाएंगे।

सड़क निर्माण की थर्ड पार्टी से हो जांच

श्री चंपापुर दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र के मंत्री सुनील जैन ने सड़क निर्माण की थर्ड पार्टी से जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नाथनगर चौक से सड़क निर्माण कराना था, वह नहीं हुआ। तीर्थ यात्रियों को परेशानी हो रही है। जलनिकासी के लिए सारी योजना बनी लेकिन अभी तक मार्ग में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। मार्ग के दूसरे ओर नाले का निर्माण भी नहीं कराया गया है। पेवर ब्लॉक भी धंसने लगे हैं। नाले के निर्माण के दौरान मंदिर की दो स्थानों पर दीवार ध्वस्त हो गईं। इसका निर्माण भी नहीं कराया गया।

नाले का भी होना है निर्माण, अब तक नहीं शुरू हुआ कार्य

नाथनगर के जैन मंदिर मार्ग पर सड़क के दोनों ओर 1976 मीटर आरसीसी नाला का निर्माण भी होना है। विधानसभा चुनाव से पूर्व इसका शिलान्यास हुआ था। नगर निगम ने 2.20 करोड़ की लागत से नाले और सड़क निर्माण की योजना बनाई थी। सड़क के दूसरे छोर पर नाला निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। नाला और सड़क के बीच एक-एक मीटर का पेवर ब्लॉक भी बिछाने की योजना है। इसका भी कार्य शुरू नहीं हुआ है।

26 नवंबर को नगर आयुक्त डॉ. योगेश कुमार सागर ने मौके पर निरीक्षण कर ठेकेदार को फटकार लगाई थी। उन्होंने दो सप्ताह में कार्य पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया था लेकिन तय समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। सड़क और नाले के निर्माण को लेकर निगम अभियंता को लगातार निगरानी का निर्देश दिए गए थे। उनकी निगरानी में कार्य भी हुआ पर नवनिर्मित सड़क की उखड़ रही गिट्टियां अब सवालों के घेरे में हैं। यहां बिना जांच के ही सड़क निर्माण में आने वाली सामग्रियों का उपयोग किया गया।

सड़क निर्माण की करवाएगी जाएगी जांच

नगर निगम के प्रभारी नगर आयुक्त सह कार्यपालक योगेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद तीन साल तक ठेकेदार को रख-रखाव करना होता है। इसके बाद ही उसे पूर्ण भुगतान किया जाता है। सड़क निर्माण में अगर गड़बड़ी हुई है तो सहायक और कनीय अभियंता को भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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