2200 जवान, 300 से अधिक अधिकारी और दिन-रात के सर्च ऑपरेशन के बाद रिहा हुए अगवा जवान

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पटना: 50 घंटे से ज्यादा के दिन-रात के ऑपरेशन के बाद अगवा जवानों को रिहा कराया जा सका. खूंटी के सैको थाना इलाके से गुरुवार देर रात तीनों जवान मुक्त हुए. लेकिन इनकी रिहाई सरकार और प्रशासन के लिए आसान नहीं रही. खूंटी से लेकर रांची तक आलाधिकारियों की नींद उड़ी रही और प्रशासन की एक बड़ी फौज को इस ऑपरेशन में लगाना पड़ा.

22 सौ से ज्यादा जवान, 350 से ज्यादा अधिकारी और रेपिड एक्शन फोर्स की चार कंपनियां दिन-रात गांव के गांव, घर के घर खंगालती रही. तब जाकर अगवा जवान रिहा हो पाए हैं. मंगलवार से लेकर गुरुवार देर रात रिहाई होने तक प्रशासन की टीम ने पत्थलगड़ी समर्थकों के दस से ज्यादा गांवों में एक-एक घर की तलाशी ली. पत्थलगड़ी समर्थकों से मुकाबला भी किया. झड़प हुई, लाठीचार्ज हुए, लेकिन जवानों ने हिम्मत नहीं हारी. दिन-रात सर्च ऑपरेशन जारी रखा. जवानों के साथ खूंटी के डीसी-एसपी भी मौके पर डटे रहे. रांची रेंज के डीआईजी और आईजी नवीन कुमार सिंह ऑपरेशन पर नजर बनाये रखा.

सर्च ऑपरेशन में शामिल एक जवान ने अगवा जवानों की रिहाई पर खुशी जताते हुए कहा कि पिछले दो दिन से हमलोग परेशान थे. चिंता थी कि साथी जवानों की सकुशल रिहाई हो पाएगी या नहीं. लेकिन अब जाकर ये चिंता दूर हुई है. जिस सैको थाने में रिहाई के बाद जवानों को रखा गया है वहां तैनात एक सुरक्षाकर्मी का कहना है कि घटना पर जवान से लेकर अधिकारी तक परेशान थे. लेकिन अब जाकर सबके चेहरे पर खुशी लौटी है. अगवा जवानों के परिवारवालों को भी राहत मिली है.

बता दें कि बीते मंगलवार को खूंटी के अनिगड़ा गांव स्थित बीजेपी सांसद करिया मुंडा के घर से तीनों जवानों को पत्थलगड़ी समर्थकों ने अगवा कर लिया था. तीनों जवान सांसद के घर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात थे. करीब दौ सौ पत्थलगड़ी समर्थक वहां पहुंचे और जवानों को अगवा कर लिया था.

Source: News18

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