शुक्रवार का दिन देवी की पूजा व अर्चना का दिन होता है, ऐेसे में देवी को प्रसन्न करने से सारी मनोकामना आसानी से पूरी होती है। ऐसे में कई लोग अपनी कामना मन में लेकर 16 शुक्रवार का व्रत करते हैं जिससे देवी अपनी कृपा उन पर बनाती है व देवी उनकी सारी मनोकामना को भी पूरा करती है। इसके साथ ही घर में सुख-शांति और धन-समृद्ध‍ि बनी रहती है। ऐसे में आज हम शुक्रवार के दिन देवी की पूजा करने से सारी चिंताओं से मुक्ति के उपाय के बारे मे बता रहे हैं।

शास्त्रों में शुक्रवार के दिन देवी पूजा व व्रत करने से छात्रों को परीक्षा में सफलता मिलती है, साथ ही देवी की पूजा करने से कानूनी मामलों में भी आसानी से सफलता मिलती है व व्यापार में लाभ मिलता है घर में समृद्ध‍ि आती है, इसके साथ ही विवाह योग्य युवाओं को योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती इसलिए आज हम इस लेख में शुक्रवार के व्रत की विधि के बारे मे बता रहें हैं।

शुक्रवार के दिन देवी की पूजा करने के लिए सुबह स्नान करने के बाद घर के मंदिर में देवी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद जल से भरे पात्र को लेंकर उस पर एक कटोरी व गुड़ और चना रखें। ऐसा करने के बाद देवी की पूजा करें पूजा करने के बाद कथा सुनें व देवी की आरती करें, व गुड़ और चने का प्रसाद देवी को अर्पित करें व प्रसाद को बांट दें।

जल से भरा पात्र से जल ले कर पूरे घर में छिड़के और बाकी बचें जल को तुलसी में अर्पित कर दें। इस प्रकार 16 शुक्रवार तक व्रत करने के बाद आखिरी शुक्रवार को व्रत का उद्यापन करें। साथ ही 2 से 9 साल की कन्याओं को भोजन ग्रहण कराएं। ऐसा करने से मनोकामना पूरी होती है।

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