शनिवार को अयोध्या पहुंचे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने पूरे परिवार (पत्नी रश्मि और बेटे आदित्य) के साथ राम जन्मभूमि जाकर भगवान रामलला के दर्शन किए। उद्धव ठाकरे ने कहा, “मैं यहां राम मंदिर के लिए आया हूं। सरकार बने या न बने, राम मंदिर जल्द से जल्द बनना चाहिए। चुनाव में तो सब राम-राम करते हैं लेकिन उसके बाद आराम करते हैं। सरकार के पास ताकत है तो वह मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश क्यों नहीं लाती?

उद्धव के मुताबिक, मंदिर नहीं बनेगा तो ये (भाजपा) सरकार नहीं बनेगी। सवाल तो यह है कि भाजपा सरकार अब तक मंदिर क्यों नहीं बनवा सकी? सरकार को मंदिर मुद्दे पर हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि मंदिर था, है और रहेगा। लेकिन वह दिख नहीं रहा। मैं जब रामलला के दर्शन करने गया तो मुझे दुख हुआ। ऐसा लगा कि मंदिर नहीं जेल जा रहा हूं। राम मंदिर पर हमारा किसी तरह का छिपा हुआ एजेंडा नहीं है।

वहीँ दूसरी तरफ उत्तरप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि शिवसेना का कभी भी मंदिर आंदोलन में योगदान नहीं रहा। उद्धव के अयोध्या आकर रामलला के दर्शन करने से हमें कोई परेशानी नहीं। लेकिन आज बालासाहेब ठाकरे जिंदा होते तो वह उद्धव को ऐसा करने से रोकते।


मौर्य ने यह भी कहा कि शिवसेना का विश्व हिंदू परिषद (VHP) की धर्म सभा में भी कोई योगदान नहीं देखा गया। भाजपा और वीएचपी ने मिलकर मंदिर आंदोलन चलाया। लिहाजा अब कोई दोनों को विभाजित करने की कोशिश न करे। राम-भक्त जानते हैं कि कौन आज बलिदान दे सकता है और किसने उस वक्त बलिदान दिया था?

अयोध्या में सेना बुलाए जाने के अखिलेश यादव के बयान पर मौर्य ने कहा कि यह उनकी खीज को दिखाता है। प्रदेश में शांति है, सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here