बिहार शिक्षा बोर्ड ने 2019 से होनेवाली मैट्रिक व इंटर की वार्षिक परीक्षा को लेकर बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत छात्रों को परीक्षा में कॉपी पर नाम, रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर इत्यादि भरने की जरूरत नहीं होगी। वहीँ अगर किसी परीक्षा केन्द्र पर प्रिंटेड कॉपी नहीं पहुंची तो सादी कॉपी भी रहेगी, ताकि कोई परीक्षा से वंचित न हो सके।

हालाँकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के लिए निर्धारित समय में कोई कमी नहीं की जाएगी। यानी परीक्षार्थियों को विषयवार निर्धारित समय तथा अतिरिक्त 15 मिनट का लाभ मिलता रहेगा। लेकिन उन्हें परीक्षा शुरू होने से 10 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा।

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर के मुताबिक इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक वार्षिक परीक्षा-2019 में दी जाने वाली उत्तरपुस्तिका एवं ओएमआर शीट पर विद्यार्थियों की विवरणी पहले से ही प्रिंट कराकर परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी।

परीक्षा के समय अपनी कॉपी एवं ओएमआर शीट में विद्यार्थियों को नाम, रोल कोड, रोल नंबर, विषय कोड आदि अंकित नहीं करना पड़ेगा और न ही उन्हें इसे गोलक में रंगना होगा। विद्यार्थियों को सिर्फ कॉपी पर अपना हस्ताक्षर करना होगा तथा जिस भाषा में परीक्षा देनी है उसे अंकित करना होगा।

साथ ही, प्राप्त प्रश्न पत्र के सेट के कोड को कॉपी पर लिखना एवं गोलक में रंगना होगा। इस व्यवस्था को 15 से 25 जनवरी के बीच आयोजित इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षा से ही लागू कर दिया जाएगा।

वहीँ इस बार से सभी विषयों में प्रश्न पत्रों के 10 सेट ए, बी, सी, डी, ई, एफ, जी, एच, आई, जे होंगे। अलग-अलग छात्रों को अलग-अलग सेट दिए जाएंगे। अध्यक्ष ने बताया कि सभी विवरण पहले से प्रिंटेड मिलने से विद्यार्थियों को परीक्षा में समय की बचत होगी। रिजल्ट पेंडिंग रहने की समस्या भी नहीं के बराबर होगी, क्योंकि विवरणी अंकित करने में छात्र गड़बड़ी कर देते थे।

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